अब कम पानी के बावजूद किसान होंगे मालामाल, जिले में लहलहाएंगे खजूर व अनार के बाग

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हिसार : जिले के गावों में अब खजूर व अनार के बाग भी लहलहाते दिखेंगे। किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में सरकार द्वारा लागू की जा रही योजनाओं की कड़ी में बागवानी विभाग किसानों को खजूर व अनार के बाग लगाने के लिए 75 प्रतिशत अनुदान देगा। योजना के तहत जिला को खजूर के लिए 10 हेक्टेयर तथा अनार के लिए 30 हेक्टेयर भूमि पर बाग लगाने के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। किसानों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर अनुदान दिया जाएगा।

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिहाग ने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत दिए जाने वाले अनुदान व सब्सिडी का उद्ेश्य किसानों को बागवानी के लिए प्रेरित करना है। बागवानी करके किसान कम लागत से अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। अधिक से अधिक किसान बागवानी के साथ जुड़ें इसके लिए विभाग द्वारा अनेक योजनाएं क्त्रियान्वित की जा रही हैं।

इस दिशा में अब बागवानी विभाग द्वारा किसानों को खजूर व अनार के बाग के लिए 75 प्रतिशत अनुदान राशि दी जाएगी। जिला हिसार में 10 हेक्टेयर में खजूर व 30 हेक्टेयर में अनार के बाग लगाने के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। अनार के बाग पर उन किसानों को 2.63 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान मिलेगा जो अपने बाग में टपका सिंचाई, मलचिंग व ट्रैलिज सिस्टम को अपनाएंगे जबकि इन प्रणालियों के बिना बाग लगाने वालों को 29 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान मिलेगा। खजूर के बाग पर 426700 रूपये प्रति हेक्टेयर की अनुदान राशि दी जा रही है।

डॉ. सिहाग ने बताया कि किसान को टीश्यू कल्चर से खजूर के पौधे लगाने होंगे, जिन्हें राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त जोधपुर स्थित नर्सरी काजरी केंद्र से खरीद सकते हैं। उन्होने बताया कि विभाग द्वारा अनुदान राशि देने का मुख्य उद्देश्य किसानों को अनार व खजूर के बागों की तरफ मोडऩा है। अनार व खजूर के बागों के बारे ज्यादा जानकारी पाने के इच्छुक किसान सिरसा के मागियाना में बागवानी विभाग द्वारा स्थापित फल उत्कृष्टता केंद्र पर का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसान परंपरागत खेती के स्थान पर बागवानी को अपनाकर अपनी आय में अच्छा इजाफा कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि किसान अपने उत्पाद का सही मूल्य लेने के लिए समूह का गठन करें ताकि वे अपने उत्पादों का उचित मूल्य ले सकें।

उन्होंने बताया कि बागवानी विभाग द्वारा किसान समूहों के गठन हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों के उत्पादों का सही तरीके से भंडारण व उचित मूल्य दिलाना है। इसके अलावा उन्होने किसानों को जैविक खेती अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि वे अपनी फसल में अंधाधुंध रसायनों का छिड़काव करने से बचें। जो कीटनाशक हम खेत में छिड़काव करते हैं वह हमारे खाने में वापस आ रहे हैं और हमारा खाना जहरीला होता जा रहा है। इसलिए हम जैविक खेती को अपनाकर जहर मुक्त उत्पादन की ओर आगे बढ़ें।

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