किसानों ने जमीन की राशि बैंक में जमा की तो मिला इनकम टैक्स नोटिस

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रायगढ़ | रेलवे प्रोजेक्ट, माईनिग एरिया एवं उद्योग खुलने के कारण जमीन का अधिग्रहण हुआ या फिर किसानों ने जमीन को बेचकर उसका पैसा सीधे सेविंग बैंक एकाउंट में जमा किया तो इनकम टैक्स विभाग ने उन्हें इनकम का साेर्स बताने के लिए नोटिस भेज दिया। इसके अलावा ऐसे छोटे व्यापारी जिन्होंने बैंक एकाउंट के माध्यम से अधिक लेनदेन किया और आईटी रिटर्न नहीं भरा उन्हें भी नोटिस देकर जवाब मांगा है। इस तरह के करीब 20 किसानों और छोटे व्यापारियों के केस विभाग में बनाए गए हैं। अब आईटी डिपार्टमेंट उनकी संपत्ति वैल्यूएशन कर रहा है और आईटी रिटर्न भरने के लिए भी कहा जा रहा है। इसमें से कुछ किसान जिनका एग्रीकल्चर लैंड होने के कारण उनको राहत मिली है। अब कुछ को जमीन से जुड़े कागजात व ट्रांजेक्शन सही होने से भी केस को खत्म किया जा रहा है। आयकर अधिकारियों के अनुसार 285 बी ए आईटी एक्ट में एक सेविंग एकाउंट में 10 लाख रुपए से अधिक की रकम नहीं रखी जा सकती है। इसके अधिक रकम रखने पर इसकी सूचना सीधे आईटी डिपार्टमेंट को मिल जाती है, इसी सूचना के आधार पर ही यह नोटिस दिया गया था। इनकम का सोर्स सही रहने पर टैक्स नहीं लगेगा यदि किसी के खिलाफ केस बनता हैं और उसके आय का सोर्स वेरिफिकेशन में सही पाया जाता है तो उन्हें टैक्स देना नहीं पड़ता है। आईटी डिपार्टमेंट को जीएसटी डिपार्टमेंट, बैंकों से, रजिस्ट्री कार्यालय एवं हर ऐसी संस्थान जहां वित्तीय लेनदेन होते है, वहां से भी जानकारी आईटी विभाग को मिलती है। उसी आधार पर आईटी डिपार्टमेंट अधिक ट्रांजेक्शन दिखने पर नोटिस भेजकर केस बनाता है। आईटी एक्ट में मुनिस्पिल एरिया लिमिट आठ किलोमीटर के अंदर आती है तो उसमें कैपिटल गेन टैक्स लगता है, इसमें कुछ राहत मिलती है। इसी तरह एग्रीकल्चर लैड में भी छूट मिलती है। इन मामलो में भी कई लोगों को इस तरह से राहत मिली है। दिया गया है नोटिस

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