खरीफ फसल बीमा सूची से तहसील के पांच गांवों के नाम गायब

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शासन -प्रशासन पर जहां किसानों को फसल बीमा राशि को लेकर पहले अनियमितता की बात सामने आई है। वहीं इससे एक कदम आगे खरीफ फसल 2017 बीमा सूची से तहसील के पांच गांवों के नाम ही गायब कर दिए गए हैं। इस मामले में गुरुवार को तहसील मुख्यालय पर भारतीय किसान संघ ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार अल्का एक्का और क्षेत्र के विधायक संजय शाह को ज्ञापन सौंपा।

जिसमें खरीफ फसल बीमा राशि वितरण व्यवस्था में अनियमितता के आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की है। ज्ञापन में बताया टिमरनी तहसील अंतर्गत आने वाले नौसर, गोदड़ी, काथड़ी, बाजनिया और गाडरापुरा के नाम वर्तमान खरीफ फसल 2017 की बीमा सूची में नहीं है। अनावारी रिपोर्ट बनाते समय प्रशासन ने इन पांच गांवों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। संघ ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा क्या इन पांच गांवों में मौसम पूरे जिले एवं प्रदेश की तुलना में फसल के अनुकूल रहा। जो इन गांवों की फसल में नुकसान नहीं हुआ है। यदि पूरे प्रदेश एवं जिले की अनावारी रिपोर्ट को देखा जाए तो यह स्वयं सिद्ध होता है कि इन पांच गांवों के साथ अनावारी रिपोर्ट बनाते समय स्थानीय प्रशासन ने सौतेला व्यवहार कर किसानों को बीमा राशि से वंचित किया है। जिससे संबंधित किसानों को बड़ी आर्थिक हानि हो रही है। इस मामले में जांच की मांग करते हुए इन गांवों के किसानों को खरीफ फसल 2017 की बीमा राशि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने मांग की है। साथ ही वर्तमान में मौसम की मार से क्षेत्र में किसानों की उड़द की फसल को नुकसान हुआ है। संघ ने फसल का सर्वे किए जाने और किसानों को मुआवजा व बीमा राशि का लाभ दिलाने की मांग की है। इस दौरान भाकिसं के विजय मलगाया, राधेश्याम पाटिल, परमानंद दोगने, विष्णु मालाकार, रामकृष्ण राजपूत, सुनील दुबे, जमनादास, ओमप्रकाश, रूपक चौधरी, रामभरोस सिरोही, ज्ञानदास गुर्जर, राजकुमार पाटिल, रामजीवन खोदरे आदि मौजूद रहे।

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