पटवारी और राजस्व निरीक्षक के पास पहुंचने पर कार्य कराने के बदले पैसे मांगे जाने का वीडियो सामने आया है। इसमें किसान ने स्वयं ही पटवारी और राजस्व निरीक्षक का पैसे लेते हुए वीडियो बनाया। किसान ने यह कदम तब उठाया, जब वह प्रत्येक काम के पैसे दे-देकर तंग आ गया था। कलेक्टर रमेश भंडारी तक मामले की सूचना पहुंचने पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। मामला चंदला तहसील क्षेत्र का है।
मामला जिले के चंदला तहसील अंतर्गत गुधौरा गांव का है, जहां पर पदस्थ पटवारी राजेंद्र त्रिपाठी किसानों से हर छोटे बड़े काम के लिए पैसे की मांग करते हैं, जिसके दाम सिर्फ उसका काम और जिसके चलते गांव के किसान उनकी रिश्वतखोरी से तंग आ चुके हैं। उनका कहना है मामला चाहे राजस्व रिकॉर्ड की भू अधिकार पुस्तिका बनवाने का हो ,या फिर सीमांकन अथवा नामांतरण का हो पटवारी को बिना रिश्वत के कोई काम रास नहीं आता है। इसी से तंग आकर ग्रामीणों ने लगातार तीन बार अलग-अलग कामों की रिश्वत देते हुए हल्का पटवारी राजेंद्र त्रिपाठी को मोबाइल कैमरे में कैद किया है।
वहीं राजस्व निरीक्षक शिव कुमार सुमन सीमांकन के मामले में रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। मामले में कलेक्टर रमेश भंडारी का कहना है कि मामले में जानकारी लगी थी, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लवकुशनगर को पूरे मामले की जांच करने के आदेश दिए है। जांच के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।