फसल बीमा की राशि के लिए किसानों ने एक घंटे तक मैनेजर एवं कर्मचारियों को बैंक में बंद रखा

0
519

फसल बीमा की राशि नहीं मिलने से नाराज किसान आक्रोशित हो गए। बैंक मैनेजर अमित मीणा सहित बैंक कर्मचारियों को बैंक के चैनल गेट पर सुबह 10.45 बजे ताला लगाकर अंदर बंद कर दिया। सातरुंडा चौकी प्रभारी अशोक दीक्षित बल सहित पहुंचे अौर स्थिति संभाली। 11.30 बजे बैंक मैनेजर ने 15 दिन में राशि आने का आश्वासन दिया है। इस पर किसानों ने ताला खोला। फसल बीमा की राशि, बैंक पास बुक की इंट्री के चार्ज लेने एवं बगैर खेत पर आए अधिकारियों के नाम पर किसानों के खाते से रुपए काटने को लेकर आक्रोशित किसान बुधवार दोपहर को बैंक पहुंचे थे।

किसान क्रांति सेना जिलाध्यक्ष सुरेश पाटीदार ने बताया कि बैंक में गांव के 500 से अधिक किसानों के खाते हैं। आईसीआईसीआई नाबार्ड द्वारा किसानों की फसलों का बीमा किया है। बीमे की राशि खाते में नहीं पहुंची हैं। धार जिले के किसानों को दूसरी बैंकों ने बीमा राशि दे दी है। यहां एसबीआई के अधिकारी एवं कर्मचारियों का व्यवहार किसानों के प्रति ठीक नहीं रहता है। किसानों के खातों से 1 से 3 हजार रुपए इस बात के काटे कि वे सर्वे के लिए आए, लेकिन एक भी किसान के खेत पर नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने पासबुक की इंट्री चार-चार माह तक इंट्री होने, सर्वर डाउन रहने, इंट्री के ना पर चार्ज लेने की बात भी कही। हंगामे के दौरान किसान क्रांति सेना कोषाध्यक्ष बिहारीलाल पाटीदार, जनपद सदस्य ताराचंद पाटीदार, युवा नेता राकेश भंवर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

सातरुंडा चौकी प्रभारी दीक्षित ने बताया कि बीमा राशि नहीं मिलने से किसान नाराज थे। उन्हें शांत करवा कर बैंक अधिकारियों से चर्चा करवा दी है। बैंक अधिकारियों ने तालाबंदी की शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। बैंक मैनेजर मीणा ने कहा हमारी शाखा में फसल बीमा राशि नहीं आई है। उज्जैन एवं रतलाम में आईसीआईसीआई बैंक द्वारा बीमा राशि दी जाती है। संबंधित बैंक अधिकारियों से चर्चा चल रही है। 10-20 दिन में राशि आ जाएगी।

सातरूंडा चौकी प्रभारी दीक्षित ने संभाली स्थिति, 15 दिन में राशि आने का आश्वासन मिलने पर खोला ताला

चैनल गेट का ताला लगाकर हंगामा करते ग्रामीण।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here