मानव, मधुमक्खी, मछली के अस्तित्व को प्रभावित करते विषैले कीटनाशकों पर प्रतिबन्ध

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नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने 18 कीटनाशकों के उपयोग पर प्रतिबन्ध लगा दिया हे| इस आशय की गज़ट अधिसूचना केंद्र सरकार ने गत दिनों जारी कर दी हे| प्रतिबंधित कीटनाशकों में से 12 पर गजट सूचना की प्रकाशन दिनांक 8 अगस्त 2018 से पूर्ण पाबन्दी हे| जबकि 6 कीटनाशकों के उपयोग पर 31 दिसम्बर 2020 के बाद पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध होगा|

तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित

12 कीटनाशक (रजिस्ट्री, आयात, निर्माण, परिवहन बिक्री प्रतिबंधित )हैं ;-

1. बेनोमायील
2. कार्बारिल
3. डिएज़िनोन
4. फेनोरिमोल
5. फेथिऑन
6. लिनुरऑन
7. मेथोक्सीमर्क्युरीक्लोराइड
8. मिथाइल पैराथीओन
9. सोडियम साइनाइड
10. थिओमेटोन
11. ट्रैडेमॉर्फ़
12. ट्रीफ्लूरोलीन ( गेहूं में उपयोग कर सकते हैं )

अन्य 6 कीटनाशी जिनका आयात , निर्माण अदि 1 जनवरी 2019 से प्रतिबंधित होगा, लेकिन 31 दिसंबर 2020 तक उपयोग किये जा सकते हैं, इस प्रकार हैं :-
1 . अलाक्लोर
2. डाईक्लोरोवास
3 . फोरेट
4 . फोस्फोमिडान
5 . ट्राईजोफॉस
6. ट्राईक्लोरोफॉर्म

उल्लेखनीय है कि कृषि मंत्रालय भारत सरकार ने 5 वर्ष पूर्व 8 जुलाई 2013 को एक विशेषज्ञ समिति गठित कर निओनिकोटिनॉइड्स कीटनाशी एवं 66 कीटनाशी जो भारत में उपयोग में लाएं जा रहे हैं परन्तु अन्य देशों में प्रतिबंधित हैं अथवा वापिस लिए गए हैं की समीक्षा करने को कहा था। समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट एवं प्रभावित होने वाले संभावित सभी पक्षों से सुझाव, आपत्तियाँ आमंत्रित कर विचार करने के लिए डॉ. एस. के. मल्होत्रा की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया। समिति ने अपनी रिपोर्ट गत 16 जुलाई को केन्द्र सरकार को प्रस्तुत की| डॉ. मल्होत्रा ने कृषक जगत को बताया की कीटनाशकों द्वारा जल में फैलते प्रदूषण, जलीय जीवों को खतरा, परागण के लिए महत्त्वपूर्ण मधुमखियों के जीवन पर संकट, मछली की प्रभावित होती खेती को देखते हुए कृषि मंत्रालय भारत सरकार ने उपरोक्त निर्णय लिए हैं।

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