राजस्थान से बिजली नहीं मिली ताे चंबल नहर में पानी छोड़ा जाना मुश्किल, फसल पर संकट

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श्योपुर क्षेत्र में हुई बारिश से धान की फसल में लौटी हरियाली।

बिजली व पानी के इंतजार में किसानों की 800 करोड़ की फसलें दांव पर

इस बार बेहतर मानसून की मौसम विभाग की भविष्यवाणी को देखते हुए कृषि विभाग ने खरीफ फसल की बोवनी का लक्ष्य 10 फीसदी बढ़ाकर कुल एक लाख 32 हजार हेक्टेयर निर्धारित किया है। आषाढ़ में अच्छी बारिश के फलस्वरूप किसानों ने उम्मीद से ज्यादा रकबे में बोवनी की है। इसमें सर्वाधिक 46 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन, 20500 हेक्टेयर में धान और 12 हजार हेक्टेयर में उड़द की फसल बोई है। सावन में मानसून सुस्त पड़ने के कारण सोयाबीन, धान , उड़द और मूंग की फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। बिजली और चंबल नहर में पानी छोड़ने के लिए क्षेत्रीय किसान 15 दिन से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सिंचाई की व्यवस्था नहीं होने की वजह से वर्तमान में लगभग 800 करोड़ रुपए की फसलें दांव पर लगी हुई है।

सवाई माधोपुर से बिजली लाने के लिए लाइन का सुधार कार्य जोरों पर

जिले में खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए किसानों की बढ़ती मांग को देखते हुए राजस्थान से बिजली लाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए सवाई माधोपुर से आ रही लाइन का सुधार कार्य जोरों पर किया जा रहा है। इसमें करीब 10 किलोमीटर लंबे दायरे में पेड़ों की शाखाएं कटवा रहे हैं। आज ही हमने राजस्थान विद्युत निगम के वरिष्ठ अफसरों से चर्चा की है। अगले दो तीन दिन में सवाई माधोपुर से हमें भोगीका, दांतरदा और सामरसा फीडर पर बिजली मिलने लगेगी। आरपी बिसारिया, महाप्रबंधक, मध्य क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी श्योपुर

श्योपुर, कराहल में मानसून मेहरबान, विजयपुर से रूठा

अधीक्षक भू- अभिलेख के अनुसार बुधवार को सुबह 8 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में 11.0 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान श्योपुर में 30.0 और कराहल में 3.0 मिमी बारिश हुई। जबकि इस दौर में विजयपुर तहसील में बादल नहीं बरसे हैं। इधर मौसम केंद्र ने श्योपुर शहर में 37. 0 मिमी बारिश दर्ज की है।

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