लॉकडाउन 2 में शुरू हुई सरकारी गेहूं खरीद, जानिए कैसे होगा भुगतान

0
71

लखनऊ. कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन 2 प्रदेशभर में 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। मौसम और लॉकडाउन की वजह से 1 अप्रैल से शुरू होने वाली सरकारी गेहूं खरीद पूरे प्रदेश में 15 अप्रैल से शुरू हो गई है। अब तक 71,017 पंजीकरण करा चुके किसान अपने गेहूं को 1925 प्रति कुंतल की दर से सरकार को बेच सकेंगे। यह गेहूं खरीद अगले 90 दिनों तक चलेगी।

गेहूं किसानों को हर ढंग से मदद देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के गेहूं खरीद के लिए सभी जिम्मेदार अफसरों को यह निर्देश दिया कि किसानों की सुविधा के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य हर हाल में मिले। जिलाधिकारियों को कहाकि कि गेहूं क्रय केन्द्रों पर नामित अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इस मौसम में भूसा बड़ी मात्रा में उपलब्ध रहता है, इसलिए इसे आसानी से एकत्र किया जा सकता है। निराश्रित गोवंश के लिए गोवंश आश्रय स्थलों पर मनरेगा मजदूरोें के माध्यम से भूसा बैंक स्थापित कर लिया जाए।

दस क्रय एजेंसियां :- सरकार ने 15 अप्रैल से होने वाली गेहूं की खरीद के लिए प्रदेश में विभिन्न एजेंसियों के पांच हजार क्रय केंद्र खोले गए हैं। खाद्य एवं रसद आयुक्त मनीष चौहान ने बताया कि दस क्रय एजेंसियां (खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपीएसएस, पीसीयू, ककनि, एसएफसी, यूपी एग्रो, एनसीसीएफ, नैफेड, एफसीआई) नामित की गई हैं। इसके अलावा पंजीकृत सहकारी समितियों व मल्टी सेक्टोरल समितियों से खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि खरीद के लिए अब तक कुल 71,017 किसान पंजीकरण करा चुके हैं।

भुगतान सीधे बैंक खातों में :- पूरी क्रय व्यवस्था ई-उपार्जन के माध्यम से ऑनलाइन की गई है। किसानों को क्रय गेहूं के मूल्य का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। सीमांत व लघु कृषकों को अपना गेहूं बेचने के लिए मंगलवार व शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है। वहीं महिला किसानों के स्वयं आने की दशा में क्रय केंद्रों पर वरीयता दी जाएगी। बटाईदारों व कान्ट्रैक्ट फार्मर्स से भी खरीद की व्यवस्था की गई है।

गेहूं खरीद मूल्य 1925 प्रति कुंतल :- प्रदेश सरकार गेहूं खरीद नीति पहले ही घोषित कर चुकी है। खरीद का लक्ष्य 55 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य रुपए 1925 प्रति कुंतल की दर पर खरीद होगी। खरीद का भुगतान किसानों के खाते में किया जाएगा।

ऑनलाइन पंजीकृत नहीं होने पर :- उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं की खरीद के लिए पूरे राज्य में 5,500 खरीद केंद्र बनाए हैं। इसने ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था भी शुरू की है ताकि बाजारों में भीड़ जमा न हो, जो किसान अपना गेहूं बेचना चाहते हैं, उन्हें खरीद केंद्र के प्रभारी से संपर्क करना होगा और अपनी किसान पंजीकरण संख्या देनी होगी। इसके बाद खरीद केंद्र का प्रभारी एक सप्ताह में ऑनलाइन टोकन सृजित करेगा, जो एसएमएस के जरिये किसान को भेजा जाएगा। अगर कोई किसान ऑनलाइन टोकन प्रणाली के जरिये पंजीकृत नहीं है और वह खरीद केंद्र पर आधार कार्ड लेकर आता है तो केंद्र प्रभारी फोटो पहचान-पत्र, बैंक पासबुक और भूूमि के कागजात देखकर उसे पंजीकृत कर सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार के 19 मार्च को रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 60 जिलों में 92.91 लाख हेक्टेयर में फसल बोई गई थी, जिसमें से मार्च के महीने में हुई बारिश और ओलावृष्टि से 12.96 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here