सरदार सरोवर बांध / दिखने लगा राजघाट पुल, 6 माह पहले डूबा था, एक सप्ताह में घाट खुलने की उम्मीद

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बड़वानी. सरदार सरोवर बांध के कारण राजघाट पर बना बड़वानी और धार जिले को जोड़ने वाला पुल 6 माह पहले पानी में डूबा था, जो अब दिखाई देने लगा है। हालांकि अभी पुल के ऊपर करीब आधा फीट पानी है। अनुमान लगाया जा रहा है की एक से दो दिन में पुल पानी से बाहर आ जाएगा। वहीं दत्त मंदिर तक लोग आसानी से पहुंचने लगे हैं और नर्मदा का जलस्तर घाट की सीढ़ियों तक पहुंच गया है।

जानकारी के अनुसार 7 अगस्त को राजघाट पुल के ऊपर पानी आया था और 8 अगस्त तक पुल पानी में समा गया था। इसके दो-तीन दिन बाद ही राजघाट जाने वाला मार्ग भी पानी में डूब गया था। राजघाट के पानी से बाहर आने के बाद से रोजाना बड़ी संख्या में इसे देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। अब दत्त मंदिर में भी पहले की तरह दत्त भगवान का पूजन होने लगा है। राजघाट के लोगों ने बताया पिछले डेढ़ माह से लगातार जलस्तर में कमी आ रही है। रोजाना पानी कम हो रहा है। राजघाट स्थित बने पुल से जगह-जगह सरिए दिखाई देने लगे हैं। कई स्थानों पर इसका प्लास्टर भी गिर चुका है। अब जैसे ही पुल पानी के बाहर आएगा और बाहर निकले सरियों में जंग लगेगी।

खतरे के निशान से चार मीटर ज्यादा है जलस्तर
बारिश शुरू होते ही राजघाट स्थित नर्मदा के जलस्तर में वृद्धि होना शुरू हो गई थी। अगस्त में जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा और तीन अगस्त को ही नर्मदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई। 5 अगस्त को जलस्तर पुल के पास तक पहुंचा। 7 अगस्त को पुल के ऊपर पानी आया और 8 अगस्त को पुल पानी में समा गया। जानकारी के अनुसार नर्मदा नदी 123.280 मीटर पर खतरे का निशान पार करती है और पुल 127.400 मीटर पर डूबता है। यानि अभी राजघाट पर नर्मदा का जलस्तर 127.100 मीटर पर है। जो खतरे के निशान से करीब चार मीटर ज्यादा है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई पुल ज्यादा दिन तक पानी में डूबा रहे तो वह कमजोर हो जाता है। जबकि राजघाट का पुल 2017 में करीब 25 दिन और 2018 में करीब दो माह तक पानी में डूबा रहा था और इस साल 6 माह पानी में डूबा रहा।

घाट पर जमा है गाद
अभी राजघाट पर करीब डेढ़ फीट गाद जमा है। हालांकि नपा ने मुख्य मार्ग से गाद को हटा दिया है। इसके चलते लोग दत्त मंदिर तक आसानी से पहुंच पा रहे है। लेकिन अभी पुल तक पहुंचने वाले आधे रास्ते पर गाद जमा है। इस कारण से पुल तक पहुंचना आसान नहीं है। वहीं अब पानी से बाहर आए खेतों में किसान बुआई करने लगे है। कुछ खेतों में तो फसल लहलहाने लगी है।

मां की कृपा से घाट पर ही स्नान करने को मिला
रविवार को राजघाट दो बसों के माध्यम से नर्मदा परिक्रमावासी पहुंचे। उन्होंने बताया की परिक्रमा शुरू करने के पहले सभी घाटों की जानकारी ली थी। इस दौरान बताया गया था की राजघाट घाट अभी पानी में डूबा है। इसलिए घाट से दूर ही स्नान करने होंगे। लेकिन मां की कृपा से घाट पर ही स्नान करने का मौका मिला।

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