2 साल संघर्ष के बाद कुम्हारी बांध विस्तार मंजूर, 801 हेक्टेयर जमीन में होगी सिंचाई

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सुहेला | Oct 05, 2018

गंगरेल से कुम्हारी बांध तक पानी लाने और नहर का गुर्रा तक विस्तार की मांग को लेकर पिछले दो साल से संघर्ष किया जा रहा था। महज सात दिनों के आंदोलन के बाद राज्य शासन ने बुधवार को कुम्हारी बांध की जल भराव क्षमता में वृद्धि के साथ 801 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई विस्तार के लिए वित्तीय स्वीकृति दे दी है। इसके कारण 42 गांवों के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

गौरतलब है कि कुम्हारी बांध के लिए हुई समिति गठन से लेकर मांगें पूरी होने तक किसानों के आंदोलन को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके लिए समिति के सदस्यों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में भास्कर ने अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाई। किसानों ने बताया कि 6 अक्टूबर को होने वाली भूख हड़ताल स्थगित कर दिया गया है। उसके स्थान पर सुहेला में हर्षोल्लास के साथ विजय जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें समस्त 42 गांव के किसान शामिल होंगे।

संयुक्त सचिव याकूब खेस्स ने राज्य शासन के विभिन्न विभागों इरीगेशन विभाग के अधीक्षण एवं कार्यपालन यंत्री तथा कलेक्टर को जारी परिपत्र में कुम्हारी बांध क्षमता विस्तार के साथ ताराशिव पचरी जलाशय का जीर्णोद्धार, चटौद जलाशय एवं प्रदायक नहर के लिए 21 करोड़ 4 लाख 20 हजार रुपए की स्वीकृति देते हुए अन्य जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए सिंचाई विभाग को निर्देश दिए हैं।

जल सत्याग्रह भी किया गया : कुम्हारी बांध क्षमता विस्तार के लिए क्षेत्र के 42 गांवों के किसान 2 साल से मुख्यमंत्री, मंत्री सहित सिंचाई विभाग के अफसरों के पास सैकड़ों चक्कर लगा चुके थे। इस बीच कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने समीपस्थ ग्राम नवापारा में आकर मांगें पूरा करने का आश्वासन दिया था। भारतीय किसान संघ के प्रदेश पदाधिकारियों के नेतृत्व में मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी किसानों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए क्षमता विस्तार का भरोसा दिया था।

शासन द्वारा 2017-18 और 2018-19 के बजट में भी शामिल किया गया था। इसके बाद भी 2 साल से वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से नाराज किसानों ने 28 सितंबर को स्थानीय महामाया चौक पर धरना प्रदर्शन किया। एक अक्टूबर को कुम्हारी जलाशय में जल सत्याग्रह किया था। वहीं 6 अक्टूबर को स्थानीय महामाया चौक पर भूख हड़ताल करने का अल्टीमेटम सिमगा एसडीएम, सुहेला नायाब तहसीलदार एवं पुलिस थाना में दे चुके थे।

 42 गांव के लोगों को इस योजना से होगा फायदा

सुहेला से 25 किमी दूर कुम्हारी बांध और वहां से निकली शाखा नहर।

संघर्ष समिति का अंत तक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने दिया साथ, 42 गांवों की हुई जीत

भारतीय किसान संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी नवीन शेष एवं क्षेत्रीय किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष भरत लाल वर्मा, नंदू वर्मा, रितेश साहू, चिंतामणि साहू, प्रीतम साहू, जीवन साहू, मानसिंह बांधे, नीलकंठ जायसवाल, डॉ. दौलत पाल, जीवन जायसवाल, धनीराम साहू सहित सदस्यों ने पूर्व जिपं अध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा की शासन और समिति के बीच शुरू से आखिर तक सेतु का काम करने के लिए उनकी जमकर सराहना की है। पदाधिकारियों ने बताया कि क्षमता विस्तार के लिए मिली राशि स्वीकृति को 42 गांवों के किसानों के संघर्ष की जीत बताया। वहीं मांगें पूरी करने के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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