42 हजार किसानों की अफीम जांच पूरी, मार्फिन कम निकली, मुखिया को थमाई वसूली की सूची

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मंदसौर/ नीमच अफीम फैक्टरी में 42 हजार किसानों की अफीम की जांच हो चुकी है। ज्यादातर कंटेनर अधिकांश कंटेनरों की जांच में मार्फिन की मात्रा कम निकली। मार्फिन कम निकलने के बाद नारकोटिक्स विभाग ने किसानों को तौल के समय किए अधिक भुगतान की वसूली का आदेश दिया है। वसूली की सूची मुखियाओं को थमा दी गई और मुखिया किसानों दी गई राशि वापस लाएंगे। तौल के समय नारकोटिक्स विभाग ने किसानों को प्रारंभिक जांच के बाद प्रति किलो के हिसाब से अफीम का मूल्य दिया था। किसानों की 10 फीसदी राशि का भुगतान किया गया था। इसके बाद किसानों से ली गई अफीम की जांच अल्काइड फैक्टरी में कराई गई। अल्काइड फैक्टरी में एफटी एनआईआर मशीन से अफीम की जांच शुरू हुई थी। यह पूरी हो गई है। इस दौरान सभी 42 हजार किसानों की अफीम की जांच की गई। फैक्टरी की सीसीएफ लैब से 420 चालान अर्थात 42 हजार अफीम कंटेनरों की जांच कर रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट में करीब 40 फीसदी किसानों की अफीम की डिग्री 65-58 फीसदी आई। डिग्री कम होने से अफीम में मार्फिन की मात्रा भी कम निकली है। इससे करीब 20 फीसदी किसानों को तौल के समय अधिक भुगतान करना पाया गया है और नारकोटिक्स विभाग ने किसानों पर रिकवरी निकाल दी है। नारकोटिक्स विभाग ने अफीम गांवों के मुखियाओं को किसानों की सूची थमा दी है और किसानों से वसूली के आदेश दिए हैं। नारकोटिक्स कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में नीमच, मनासा और जावद क्षेत्र के साथ मंदसौर, रतलाम, राजस्थान और यूपी के किसानों से भी रिकवरी की जा रही है। जिले में जिन किसानों पर रिकवरी निकली है उन किसानों से करीब 3 से 5 हजार रुपए वापस लिए जा रहे हैं। एक किसान ने नाम न छापने की शर्त पर कहा हमने तो अफीम अच्छी दी थी, जांच में कहां गड़बड़ी पता नहीं पर अब मुखिया वसूली की सूची लेकर अाया था। विभाग ने रिकवरी निकाली है तो रुपया तो देना ही है। सोमवार को मुखिया को रुपया लौटा देंगे, मुझसे विभाग ने 4 हजार 700 रुपए की रिकवरी मांगें हैं। जिले में मुखिया सूची लेकर किसानों के घर घर पहुंच रहे हैं और रिकवरी कर विभाग को जमा कर रहे हैं। विभाग की रिकवरी इसी महीने में अंत तक पूरी करना है। साथ ही विभाग सोमवार से तौल के समय घटिया निकले 250 कंटेनरों की जांच शुरू करेगा और जांच में घटिया साबित होने पर किसानों के पट्टे काटे जाएंगे। दोहरे मापदंड अपना रहा विभाग – किसान अफीम किसानों का कहना है नारकोटिक्स विभाग उनके साथ दोहरे मापदंड अपना रहा है। अफीम तौल के समय किसानों को अफीम के दाम गाढ़ता के अनुसार प्रति किलो हिसाब से दिए गए थे। किसानों को अलग अलग दाम मिले लेकिन वसूली करते समय मार्फिन के आधार पर वसूली कर रहा है। अल्कोलाइड फैक्टरी में जांच मशीन से हो रही है आैर मशीन गलत रिजल्ट दे रही है। मशीन की जांच में 360 नंबर के बैग मार्फिन की मात्रा का रिकार्ड ही टूट गया है। झालावाड़ बेल्ट के इस बैग में मशीन ने मार्फिन की 28.63 फीसदी बता दी है और यह पहली बार हुआ है। अफीम में मार्फिन की 21 फीसदी तक होती है। अल्काइड फैक्टरी में अगस्त 2017 में जिले के 1000 किसानों की अफीम की जांच हुई और पहली सूची विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की गई। हर पांचवां सैंपल फेल हो गया है। इसमें किसानों ने पट्टे कटने की आशंका जताई गई है। इस साल जिले के तीनों खंड में 200 से अधिक किसानों के सैंपल फेल बताए गए। मात्रा और गाढ़ता कम मिली मंदसौर खंड 1 जिला अफीम अधिकारी दीपक दुबे ने बताया किसानों ने जो अफीम जमा कराई थी उसकी फैक्टरी में जांच के आधार पर मार्फिन की मात्रा और गाढ़ता कम पाई गई है। फिलहाल 30 चालान प्राप्त हुए हैं। इसमें पिछले साल की तुलना में इस साल रिकवरी ज्यादा निकली है। पूरी स्थिति सभी चालान प्राप्त होने के बाद ही बताई जा सकती है। कार्रवाई चल रही नारकोटिक्स विभाग के डीएनसी प्रमोदसिंह ने बताया यह सामान्य प्रक्रिया है। किसानों को नियमानुसार भुगतान किया करते हैं। अधिक राशि पहुंचने पर रिकवरी कराते हैं। जिले में रिकवरी चल रही है। कई किसानों ने रुपया जमा भी करा दिया है। तौल के समय गाढ़ता अनुसार भुगतान होगा गाढ़ता भाव प्रतिकिलो 44 870 44 से 52 1000 52 से 56 1275 56 से 60 1390 60 से 65 1740 65 से 70 1875 70 से 75 2050 75 से 80 2250 80 से 85 2500 85 से 90 3000 90 से अधिक 3500 (नोट : गाढ़ता डिग्री और भाव रुपए प्रतिकलो में)

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