बीज निगम में उपज बेचने के बाद भी किसान कर्जदार, सात महीने से नहीं मिला भुगतान

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महासमुंद | Sep 15, 2018

छत्तीसगढ़ बीज निगम के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण जिले के 982 बीज उत्पादक किसानों काे अब तक बोनस और प्रोत्साहन राशि नहीं मिला है। यह राशि करीब 3.59 करोड़ रुपए है। हालांकि विभाग का दावा है कि प्रोत्साहन राशि के रूप में करीब 33 लाख रुपए मिल चुके हैं, जिसका भुगतान जल्द ही किसानों को कर दिया जाएगा। बीज निगम में धान बेचने वाले किसानों को बोनस का 300 रुपए प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन राशि के रूप में 200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अतिरिक्त भुगतान किया जाता है।

किसानों को चार महीने पहले ही करीब 3 करोड़ 59 लाख रुपए का भुगतान हो जाना था, लेकिन आवंटन नहीं होने के कारण भुगतान अटका हुआ है। इसके चलते वे किसान, जिन्होंने बैंकों से लोन लेकर खेती की, उनका ब्याज बढ़ता जा रहा है। यही नहीं आर्थिक तंगी की मार झेल रहे किसानों को खेती के लिए भी अतिरिक्त कर्ज लेना पड़ रहा है। किसान मोहित साहू, लक्ष्मी पटेल, धनीराम चंद्राकर का कहना है कि ऐसे ही हालात रहे तो आने वाले समय में वे बीज निगम को अपनी उपज नहीं बेचेंगे।

पहले धान पास कराने के लिए जूझते हैं, फिर भुगतान पाने: किसानों ने बताया कि निगम में धान बेचने के दौरान उसे पास और फेल कराने के खेल में किसान परेशान होता है। जो संबंधित अधिकारियों को खुश कर पाता है, उसका धान आसानी से पास कर दिया जाता है। वहीं जो बीज निगम के भीतर चल रहे अघोषित व्यवस्था को नहीं समझ पाते उसके लिए यहां धान बेचकर उसका रुपए लेना आसान नहीं है।

982 किसानों ने बेचा है 71 हजार क्विंटल धान : वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रदेश के करीब 982 किसानों ने 85917 क्विंटल धान बेचा था, जिसमें से 71940 धान ही ग्रेडिंग में पास हुए। किसानों को धान बेचे आठ महीने हो गए, लेकिन अब तक तीन सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से मिलने वाला बोनस अब तक नहीं मिला है। हाल ऐसा है कि किसान बीज निगम के प्रक्षेत्र कार्यालयों का चक्कर लगाते थक गए हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।

महासमुंद| छत्तीसगढ़ राज्य बीज विपणन केंद्र लभरा।

स्वीकृति नहीं मिलने के कारण देरी हुई: एके वर्मा

बीज निगम के प्रभारी एके वर्मा का कहना है कि बोनस की राशि के लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया था, लेकिन वहां से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इसमें देरी हो रही है। इसी के चलते अब तक बोनस का भुगतान नहीं किया जा सका है। प्रोत्साहन राशि के रूप में 33 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई है, जल्द ही इसे किसानों के खाते में जमा कराया जाएगा।

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