दो साल में 400 ने पीएम आवास के लिए किया आवेदन, अब तक 10 मकान बने

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 तक सभी के कच्चे मकान को पक्का बनाने के सपने को नगर पालिका पूरा नहीं कर पा रही है। पिछले दो साल में पालिका क्षेत्र में रहने वाले 400 लोगाें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की मांग की, लेकिन अब तक केवल 10 लोगाें के लिए ही मकान बन पाया है। यही कारण है नगर पालिका महासमुंद पीएम आवास देने के मामले में पिछड़ते जा रही है। इधर, पालिका प्रशासन का कहना है कि जल्द ही लोगों के लिए आवास बनाए जाएंगे, इसके लिए प्रक्रिया जारी है।

दरअसल, पीएम आवास योजना के तहत दो साल में 400 जरूरतमंदाें ने आवेदन किया, लेकिन इसे सिर्फ इसलिए स्वीकृति नहीं मिल पाई, क्योंकि पालिका में इंजीनियर ही नहीं थे। अब जब इंजीनियर की नियुक्ति हो गई है तो बारिश के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है। निचली बस्तियों में रहने वाले लोगों काे इस योजना का लाभ नहीं मिलने से बारिश के दिनों में मकान ढहने का खतरा बना हुआ है। पालिका क्षेत्र में रहने वाले ऐसे लोग जिनके पास मकान व जमीन नहीं है जो पालिका क्षेत्र में वर्षों से निवास कर रहे हैं, ऐसे परिवार के लिए पालिका स्वयं की जमीन पर 174 मकान बनाएगी। यह मकान पिटियाझर में बनेगा।

गजेंद्र धीवर कई बार पालिका के चक्कर काट चुके है।

प्रधानमंत्री आवास नहीं मिलने से यह परेशानी हो रही है

नगर पालिका के कई बार लगा चुके चक्कर

सितला पारा निवासी संतोष धीवर का कहना है कि सालभर पहले प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए पालिका में आवेदन दिया गया था लेकिन अभी तक मकान नहीं बन पाया है जिससे बारिश के दिन में भारी परेशानी हो रही है। पालिका के कई बार चक्कर लगा चुके है लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

केस-1

सीधी बात

पवन पटेल, नपा अध्यक्ष

जो पात्र है उनका वर्क ऑर्डर जारी किया जा रहा है

तालपतरी लगाकर किसी तरह दिन गुजार रहे हैं

नयापारा निवासी सुंदरदास पाटिल का कहना है कि पालिका में आवेदन दे दिए है, पालिका की टीम सर्वे भी कर चुकी है लेकिन अभी तक मकान निर्माण के लिए प्रक्रिया पूरी ही नहीं हो पाई है। बारिश घर के अंदर पानी भर जाता है, छप्पर अत्यंत कमजोर हो चुकी है। जिसे तालपतरी से ढका गया है।

केस-2 

दाे साल पहले जरूरतमंदों पालिका के पास आवेदन जमा किए है लेकिन अभी तक निर्माण नहीं हो पाया है?

– जो पात्र उनका वर्क आर्डर जारी किया जा रहा है।

नयापारा स्थित सुंदर दास का बदहाल मकान।

गुरुद्वारे के पीछे बारिश में मकान गिर गया था

वार्ड 13 गुरुद्वारा के पीछे पुरुषोत्तम सोनवानी के घर की दो दीवारें ढह गई। वार्ड 5 के मदरसा के पीछे रहने वाले शिवकुमार का भी मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। इससे पूरे घर में पानी भर जा रहा है। पीएम आवास के लिए फार्म जमा करने उनका मकान नहीं बनाया जा रहा है।

केस-3

वर्तमान में आवास निर्माण की स्थिति क्या है?

– 35 लोगों का वर्क आर्डर जारी किया गया है।

पालिका में अब तक कितने आवेदन प्राप्त हुए है?

– वर्तमान में आवेदनों की क्या स्थिति है देखकर ही बता पाऊंगा।

आवास निर्माण में देरी के ये हैं प्रमुख कारण..

बारिश से काम रुका

दो वर्ष पहले पालिका क्षेत्र में रहने वालों ने आवेदन किया था। पालिका अधिकारियों द्वारा रुचि नहीं लेने के कारण लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। करीब 400 लोगों ने पीएम आवास का आवेदन किया है। इसमें करीब 272 लोगों के लिए डीपीआर तैयार हो गया। वहीं 10 लोगों ने मकान निर्माण शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि बरसात के कारण यह कार्य रुका हुआ है।

इंजीनियर का न होना

प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए इंजीनियर की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन सालभर पहले पालिका के पास इंजीनियर नहीं होने के कारण से प्राकंलन तैयार करने में देरी हुई है। जब से इंजीनियर की नियुक्ति हुई है तब से आवेदन का निराकरण करने का कार्य किया जा रहा है।

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