धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 16 अगस्त से

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जिले में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां शुरू हो गई है। इसके लिए किसानों का पंजीयन 16 अगस्त से प्रारंभ होगा। नए किसानों का पंजीयन तहसील मॉड्यूल के माध्यम से तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। आवेदन तहसील कार्यालय में जमा करना होगा।

भूमि व रकबे का सत्यापन राजस्व रिकार्ड के आधार पर पटवारी द्वारा किया जाएगा। सभी साक्ष्य देखने और परीक्षण के बाद तहसीलदार पंजीयन करेंगे। नए पंजीकृत किसानों की सूची में पटवारी व डाटा एंट्री आपरेटर के हस्ताक्षर होंगे। जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए राज्य शासन द्वारा नए दिशा निर्देश जारी किए गए है। इसके मुताबिक नए पंजीयन और पुराने पंजीकृत किसानों के रकबे में संशोधन के दौरान कई बिन्दुओं का ख्याल रखा जाएगा। जिससे अन्य फसलों के रकबे का धान विक्रय के लिए पंजीयन नहीं हो, जिससे अवैध धान के विक्रय की गुंजाइश नहीं रहेगी।

अधिक धान बेचने पर राशन कार्ड होगा निरस्त : सीमान्त किसान 37.5 क्विटंल और लघु किसान 75 क्विटंल से अधिक मात्रा का धान बेचेंगे, तो उनके राशन कार्ड को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

ट्रस्ट या संस्था की जमीन पर बोने वालों का पंजीयन

विधिक व्यक्तियों जैसे ट्रस्ट, मंडल, प्राईवेट लिमिटेड कंपनी, शाला विकास समिति, महाविद्यालय आदि संस्थाओं द्वारा संस्था की भूमि को धान बोने के लिए यदि अन्य किसानों को लीज या अन्य माध्यम से दिया गया हैं, तो वास्तविक खेती करने वाले किराएदार किसान का पंजीयन किया जाएगा। समर्थन मूल्य का भुगतान उन किसानों के खातों में किया जाएगा। इसके संस्थाओं के भूमि पर वास्तविक खेती करने वालो को समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा।

अब बीज उत्पादक भी बेच सकेंगे धान

धान बीज उत्पादक किसानों का पंजीयन बीज निगम के साथ-साथ समिति में भी किया जाएगा। समिति द्वारा बीज उत्पादकों से धान की खरीदी की जा सकती है। उन्हें समिति स्तर पर कृषक पंजीयन से वंचित नहीं किया जाएगा। उनसे धान व फेल धान बीज की खरीदी की जाएगी।

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