मुआवजा नहीं मिला तो किसानों ने उपभोक्ता फोरम में की शिकायत

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ग्राम दलदली के किसानों को फसल बीमा कराने के बावजूद सूखा पड़ने पर मुआवजा राशि नहीं मिली। जनदर्शन में आवेदन किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। परेशान किसानों ने कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत करते अधिवक्ता के माध्यम से आवेदन किया। किसानों ने कहा उपभोक्ता फोरम से न्याय नहीं मिलने पर वे हाईकोर्ट तक जाएंगे।

गुरुवार को ग्राम दलदली के 41 किसानों ने फसल बीमा करने वाली कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में अधिवक्ता धनेश यादव के माध्यम से आवेदन किया। पटवारी का पंचनामा भी जमा कराते किसानों ने कहा कि गांव के 73 किसानों को फसल बीमा का पैसा मिलना था लेकिन चार किसानों को ही मिला। 2 किसानों को 6-6 हजार व एक किसान को 12 हजार मिला। बाकी किसानों को मुआवजा नहीं मिला। पटवारी के पंचनामा में सूखा के कारण 33 प्रतिशत से अधिक फसल प्रभावित होने का उल्लेख है। किसान नरेश साहू, पुनीत पटेल, पुरुषोत्तम साहू, कन्हैया निषाद, रमेश कुंजाम, रामेश्वर यादव, पूरन साहू, देवेंद्र साहू, लखन यादव, मानिकराम मरकाम, उत्तम कोर्राम ने गांव में सूखा व कीट प्रकोप से काफी ज्यादा फसल प्रभावित हुई थी। अधिवक्ता धनेश साहू ने कहा कि ग्राम दलदली के किसानों के लिए वे उपभोक्ता फोरम में कंपनी के खिलाफ दावा करेंगे। कंपनी को 15 दिन में जवाब देने नोटिस दिया जाएगा।

इधर अफसरों ने दी उपभोक्ता फोरम जाने की सलाह तो नाराज हो गए किसान : भानुप्रतापपुर। किसानों को फसल बीमा कराने के बाद मुआवजा नहीं मिल रहा था जिसे लेकर किसान लगातार शिकायतें कर रहे थे। प्रशासन ने इसे लेकर किसान प्रतिनिधियों की कांकेर में बैठक बुलाई थी। बैठक में शामिल होने के बाद वापस भानुप्रतापपुर पहुंचे किसान प्रेमसिंह सलाम, गोकुल नेताम, डालन राणा ने कहा कि कलेक्टर ने किसानों की बैठक बुलाई थी लेकिन बैठक में वे स्वयं नहीं पहुंचे। कृषि विभाग के अधिकारी और बीमा कंपनी के अधिकारी थे जो गोलगोल जवाब देकर सलाह देते रहे की नियमानुसार बीमा राशि नहीं मिलती है तो उपभोक्ता फोरम में अच्छे वकील से केस फाइल कर लो। किसान राधे मंडावी, मोहन सोनवानी, जालम नेताम, देवनाथ कोरेटी ने कहा कि जब किसानों से फसल का बीमा कराया जाता है तब नियमों को नहीं बताया जाता। जब मुआवजा देने की बारी आती है तो कंपनी नियमों में उलझा देती है। विकासखंड भानुप्रतापपुर में कुल 51 ग्राम पंचायतों में से 21 पंचायतों के किसानों को मुआवजा मिला जबकि शेष 30 पंचायतों के किसानों को मुआवजा नहीं मिला।

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