स्कूलों में विटामिन की खेती, कृषि अफसरों ने बढ़ाई इसकी प्रक्रिया

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बिलासपुर | Sep 28, 2018

कृषि विज्ञान केंद्र को स्कूलों में पोषण वाटिका तैयार करने के लिए 20 लाख रुपए की राशि मिली है। इसके लिए गांवों में स्कूलों का चयन कर कर लिया गया है। इनमें पेंड्रीडीह के मिडिल और हायर सेकेंडरी स्कूल के अलावा धौंराभाठा, हिर्री, नवगंवा के स्कूलों को शामिल किया गया है। यहां के अफसरों ने यहां विटामिन के प्रपोशन को ध्यान में रखकर खेती की शुरुआत होगी। इसकी जिम्मेदारी यहां की कृषि वैज्ञानिक निवेदिता पाठक को सौंपी गई है। पेंड्रीडीह स्कूल में इसका काम शुरू भी हो चुका है।

कृषि विज्ञान केंद्र कैंपस में इससे पहले भी विटामिन के प्रपोशन को ध्यान में रखकर खेती करने की शुरुआत हो चुकी है। मकसद जिले के किसानों को ऐसी पद्धति से ट्रेनिंग देना है, जिससे सभी वर्ग के लोगों को जैविक और पोषक तत्व से भरपूर सब्जियां और फल मिल सके। इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों ने पहले फेज में परिसर के पीछे 50 डिसमिल जमीन पर खेती की शुरुआत की। इसकी सफलता के बाद अब बड़े पैमाने पर इसकी खेती होगी, ताकि जिले में कुपोषण का रेशियो कम किया जा सके। इससे होने वाली आय को यही के विकास पर खर्च करने की योजना बनाई जा रही है। इसका जनता को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। लोग बड़ी तादाद में इसे देखने पहुंच रहे हैं। यह सारी कवायद मिनरल, विटामिन समेत अन्य पोषक तत्वों के प्रपोशन को बरकरार रखने की मंशा से शुरू की गई है। इसके लिए परिसर में 50 डिसमिल जमीन पर सब्जी, फल के बीज व पौधे रोपे गए हैं, जिनमें कई ने अब पौधों का रूप ले लिया है। इससे पहले यह प्रयोग महासमुंद केवीके में किया गया था, जिसका अच्छा रिस्पाॅन्स मिला। लोधीपारा में ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर कॉलेज व अनुसंधान केंद्र परिसर के एक छोर पर कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित है। यहां अंचल से आने वाले किसानों को नई तकनीक से खेती सिखाई जाती है।

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