खेतों तक पानी पहुंचाने Rs.81 करोड़ खर्चकर नहरों से बनाएंगे नालियां

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रायगढ़ | Oct 08, 2018

जिन किसानों के खेत नहरों से दूर थे, उन्हें नहर से पानी ले जाने के लिए पाइप बिछाने पड़ते थे। शासन ने कैड (कमांड एरिया डवलपमेंट) के तहत नहर किनारों के अलावा कमांड एरिया में आने वाले खेतों तक सिंचाई के लिए पाइप लाइन बिछाने की योजना तैयार की है। इसके लिए 81.21 करोड़ मंजूर किए गए हैं। रायगढ़ व खरसिया दोनों ही डिवीजन में कैड वर्क होना है। इसके तहत खेत के मेड़ पर नालियां बनाई जाएगी।

बजट की मंजूरी मिलने के बाद प्रोसेस भी शुरू हो गया है। कैड वर्क को इस तरह से समझ सकते है। किसी खास क्षेत्र में पाइपलाइन का जाल जहां एक तरफ से पानी के सोर्स के जरिए अंतिम भाग तक पानी को पहुंचाया जाएगा।

जमीन का अधिग्रहण नहीं – जल संसाधन विभाग द्वारा किए जाने वाले कार्यों में यह पहला काम है, जिसमें किसी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा रहा है। इसके लिए जिन किसानों के जमीन में मेड़ पर पाइप लाइन बिछाई जानी है। उनसे सहमति ली जाएगी। सहमति मिलने के बाद उनके खेतों में पाइप लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। इससे यह भी साफ हो जाएगा कि कितने किसानों के खेतों तक वास्तविक में पानी पहुंच रहा है।

22 हजार हेक्टयेर में सिंचाई का टारगेट

खरसिया और रायगढ़ डिवीजन मिलाकर 22 हजार 810 हेक्टेयर एरिया में कैड वर्क का काम किया जाना है। इसमें खरसिया डिवीजन में 11296 हेक्टेयर और रायगढ़ डिवीजन में 11514 हेक्टेयर में काम होना है। खरसिया और रायगढ़ दोनों के लिए ही 40-40 करोड़ के लगभग का बजट स्वीकृत है।

202 किलोमीटर माइनर नहरों से पानी खेतों तक

केलो परियोजना में कुल 202.685 किलोमीटर लंबी माइनर नहरें हैं। माइनर नहरों के अंतिम छोर से कैड वर्क के लिए नालियां निकलेंगी। खेतों तक नालियों के काम करने के लिए 2019 तक की डेड लाइन रखी गई है। साल के अंत तक इस काम को पूरा कर लिए जाने का दावा किया जा रहा है।

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