मानसून जाते ही पानी की कमी, लेट वैरायटी के धान की नहीं हो पा रही सिंचाई, सूख रही फसल

0
118

सुहेला | Oct 10, 2018

मानसून अभी लौटा ही है पर फसलों की सिंचाई के लिए पानी की कमी से अंचल के किसान त्राहिमाम करने लगे हैं। लोग नाले, तालाब, गड्ढे और ट्यूबवेल आदि जहां से जिस हालत में पानी मिल जाए, फसल को पकाने के लिए सिंचाई करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं पानी के लिए मारपीट की नौबत भी आ रही है।

रावन सहकारी समिति अध्यक्ष राम नारायण वर्मा, दिनेश वर्मा, तिल्दाबांधा जनपद सदस्य सुरेश यदु, रवेली के लोकेश साहू, लेख राम साहू, पड़कीडीह के सुरेंद्र यादव, स्थानीय भगवती आडिल, गेंदराम साहू सहित किसानों ने बताया कि एक महीने से बारिश नहीं होने के कारण लेट वैरायटी किस्म के धान स्वर्णा, सोना मंसूरी और एचएमटी आदि पानी नहीं मिलने से नहीं हो पाएंगे। आजकल पड़ने वाली तीखी धूप से पौधे मुर्झाने लगे हैं। वहीं खेतों में दरारें भी पड़ चुकी हैं।

प्रति एकड़ डेढ़ हजार रुपए सिंचाई, पैदावार आधा : स्थानी पुरानी बस्ती में खेतों में पानी लाने के नाम पर दो भाइयों में जमकर मारपीट हो गई और मामला एसडीएम न्यायालय सिमगा तक जा पहुंचा। रवेली के शिव कुमार वर्मा ने कहा कि प्रति एकड़ पंपों से सिंचाई में एक से डेढ़ हजार रुपए प्रति एकड़ खर्च आ रहा है। इससे आधी उपज तो मिल ही जाएगी पर सिंचाई नहीं करने से 25 बोरा प्रति एकड़ होने वाली पैदावार में से एक बोरा धान भी नहीं मिल पाएगा।

फसल को पकाने के लिए सिंचाई की जुगाड़ में जुटे हैं किसान।

रावन के करीब 15 सौ एकड़ में सौ एकड़ और रवेली के 8 सौ एकड़ में 50 एकड़ की फसल ही बचेगी

किसानों ने बताया कि ग्राम रावन के करीब 15 सौ एकड़ भूमि में निजी कृषि पंपों से महज सौ एकड़ और रवेली के 8 सौ एकड़ में 50 एकड़ की फसल ही हो पाएगी। जबकि तिल्दा बांधा के 600 एकड़ और झीपन के एक हजार एकड़ में फसल नहीं हो पाएगा। रवेली के सेवक राम वर्मा, नरेश वर्मा, लाल दास मानिकपुरी, दारस साहू ने बताया कि नाला, तालाब, गड्ढे, ट्यूबवेल और नहर में जहां भी पानी दिखाई दे रहा है, हजार, दो हजार फीट पाइप लगाकर फसल की सिंचाई का प्रयास कर रहे हैं। उसके बाद भी सभी फसलों को पानी नहीं मिल पाएगा।

रवेली में स्टॉपडैम बना पर ट्रांसफॉर्मर न होने से समस्या

रवेली सरपंच प्रतिनिधि नोहर वर्मा और बेदराम वर्मा आदि ने बताया कि उनके गांव के पास से निकले बंजारी नाला में स्टॉप डैम बना है। 400 एकड़ की सिंचाई के लिए लिफ्ट एरिगेशन के लिए 15 एचपी का पंप अल्ट्राटेक रावन सीमेंट के सहयोग से लगवाया गया है। एक किमी अंडर ग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जा चुका है पर शासन द्वारा ट्रांसफार्मर नहीं लगाने के कारण 4 सौ एकड़ फसल सूख जाएगी। लोगों ने बताया कि बीते साल पड़े सूखा की क्षतिपूर्ति राशि नहीं मिली है। ट्रांसफार्मर के लिए गांव वाले बिजली विभाग के अलावा कलेक्टर जनदर्शन, ग्राम स्वराज और विभागीय मंत्री तक आवेदन दिए, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here