पानी की मांग को लेकर जल संसाधन विभाग पहुंचे किसान, एसडीओ को घेरा, आश्वासन पर सभी लौटे

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मुंगेली | Oct 04, 2018

हफ्तेभर से नहर में पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसानों ने जल संसाधन विभाग में कई बार दस्तक दी, लेकिन पहल नहीं होने के कारण बुधवार को किसानों को गुस्सा फूट पड़ा। 20 से 25 गांव के किसानों ने मनियारी जल संसाधन विभाग के कार्यालय का घेराव कर दिया और जमकर नारेबाजी की।

किसान जल संसाधन विभाग के कार्यालय मंे ताला लगाने की नीयत से पहुंचे थे। मनियारी जलाशय में 71 प्रतिशत पानी का भराव था। एसडीओ नेमा ने बताया पानी का स्तर अब 23 फीसदी है, जो आगामी गर्मी में भीषण पानी का संकट होने का संकेत दे रहा है। किसान पानी की मांग को लेकर मनियारी जल संसाधन विभाग का घेराव कर कार्यालय के सामने घंटों बैठे रहे और जमकर नारेबाजी की। इधर प्रशासन को खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। टीआई आशीष अरोरा व एसडीएम अमित गुप्ता मौके पर पहुंचे। वे किसानों को समझाइश देते रहे और अंत में डीडी-1 व डीडी-3 में पानी बंद कर डीडी-2 में पानी छोड़ने के आश्वासन पर किसान प्रदर्शन खत्म कर लौटे।

किसानों का गुस्सा व स्थिति को देखकर बुलानी पड़ी पुलिस

उच्च अधिकारियोें पर लेन-देन का भी आरोप लगाया

किसानों ने कहा कि पथरिया, बरछा, गोइंद्रा, बैजना, भांवरकछार, बगबुड़वा, पुछेली, केकड़ी, मजरेटा, कंचनपुर, जेवरा, मोतिमपुर, टेगनागढ़, खैरी, गंधीरवाडीह, हथनी, टोनहीचुवा गांव में एक बूंद भी पानी नहीं पहुंचा है। किसानों ने उच्चाधिकारियों पर लापरवाही सहित लेन-देन का आरोप भी लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग के आला-अधिकारियों का उन्हें संरक्षण प्राप्त है।

खेतों में दरारें, फसल बर्बाद होने की कगार पर

एसडीओ नेमा के अनुसार धनगांव, खपरी, मुंगेली में धनगांव रकबा 10 हजार हेक्टयर, खपरी रकबा 4 हजार हेक्टयर, मुंगेली रकबा 12 हजार हेक्टयर, लगभग कुल 26 हजार हेक्टयर बकौल पानी दिया जाना है। वहीं बमुरहाडीह रकबा 700 हेक्टयर, बछेरा 600 हेक्टयर, जमकुही रकबा 400 हेक्टयर, सोनपुरी रकबा 600 हेक्टयर इन गांवांें में 3 अक्टूबर तक पानी नहीं पहुंचा है। खेत में दरारें आ गई हैं।

किसानों का एसडीओ नेमा पर फूटा गुस्सा

सिटी कोतवाली प्रभारी आशीष अरोरा दल-बल के साथ पहुंचे। सिंचाई विभाग के एसडीओ एमके नेमा को किसानों ने घेर लिया था। पुलिस के पहुंचने पर वे बाहर आए। एसडीओ नेमा ने बताया कि 60 दिनों से नहर खुली है। लेकिन इन क्षेत्रों में पानी इसलिए नहीं पहंुच पा रहा है कि लोरमी क्षेत्र के एसडीओ मिश्रा के चलते डीडी-1 और डीडी-3 में पानी छोड़ा गया है और डीडी-2 में वांछित ग्रामों को पानी नहीं मिल रहा है।

इन गांवों से आए थे किसान

घेराव करने जिले के पथरिया इलाके के बरछा, गंधीरवाडीह, पुछेली, बैजना, गोइंद्रा, कोकड़ी, मझरेटा, कंचनपुर, जेवरा, खैरझिटी व टोनही चुव गांव से किसान पहुंचे थे। इन किसानों के खेतों में पानी नहीं होने से फसल पूरी तरह से सुख चुकी है। इसके चलते किसानों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस दौरान नहर में पानी छोड़ने की मांग पर अड़े किसानों ने प्रदर्शन किया। इसमें एक दिव्यांग भी शामिल था।

26 हजार हेक्टेयर रकबे को सिंचाई की जरूरत

धनगांव, खपरी, मुंगेली में धनगांव रकबा 10 हजार हेक्टेयर, खपरी रकबा 4 हजार हेक्टयर, मुंगेली रकबा 12 हजार हेक्टयर, कुल 26 हजार हेक्टयर बकौल पानी देना है। वहीं बमुरहाडीह रकबा 700 हेक्टयर, बछेरा 600 हेक्टयर, जमकुही रकबा 400 हेक्टयर, सोनपुरी रकबा 600 हेक्टयर इन गांवांें में 3 अक्टूबर तक पानी नहीं पहुंचा है। खेत में दरारें आ गई हैं। फसल बर्बाद होने की कगार पर हैं।

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