कुरदा-सिंघरा वितरक नहर के आखिरी छोर के खेतों में नहीं पहुंच पा रहा पानी

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मालखरौदा- सक्ती Oct 12, 2018

कुरदा वितरक एवं सिंघरा वितरक नहर के टेल एरिया गांवों के किसानोंं के खेतों में नहर का पानी विभागीय अधिकारियों के लापरवाही के कारण नहीं पहुंच पाया है, जिससे अधिकांश किसानों की खड़ी धान फसल अब मुरझाने लगी है।

जल्दी पकने वाले धान की फसल को डीजल पंप से सिंचाई कर जैसे तैसे रतजगा कर बचाने में लगे हैं। कुरदा वितरक नहर के अंतिम छोर के गांव नावापारा, बरभांठा, घोघरी, बरपाली, डोमा, बासीन, माहूलडीह, अमलीडीह, कुरदी, देवगांव आदि गांवों के किसानों के खेतों तक आज तक नहर की एक बूंद पानी नहीं आया है। घोघरी निवासी मोतीलाल चंद्रा, हेमंत सिदार ने बताया कि हर साल इसी समय किसानों को नहर से पानी नहीं मिलता है जिससे धान को नुकसान होता है।

वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारी भी हैडअप करने वालों पर कोई कार्रवाई ही नहीं करते हैं जिसके कारण उनका हौसला बुलंद रहता है, नीचे खेत वालों को भारी दिक्कत होती है।

ध्यान नहीं होने के कारण महानदी में जा रहा पानी किसानों को नहीं मिल रहा- सिंघरा वितरक नहर के आखिरी गांवों के किसान खेमड़ा निवासी परमानंद साहू, ललित साहू का कहना है कि नहर विभाग द्वारा नहर में पानी तभी खोला जाता है जब सभी किसानों को पानी की आवश्यकता होती है तब ऊपरी एरिया के किसान नहर को रोककर सिंचाई करते हैं और निचले स्तर तक नहीं पहुंच पाता आज नहर में पानी खोले माह भर होने को है लेकिन पानी आखिरी छोर तक पानी नहीं आ पाया। जिस क्षेत्र के नहर में अधिक पानी की जरूरत है उस क्षेत्र में कम पानी नहर में छोड़ा जा रहा है नतीजा बगान नाला का जल स्तर बढ़ रहा है इस ओर किसी का ध्यान ही नहीं है पानी सीधे महानदी में जा रहा है।

एसडीओ का दावा -हटा दिया गया है हेडअप

इस संबंध में एसडीओ श्री गुप्ता का कहना है दो दिन कुरदा वितरक नहर का उन्होंने अपने साथ पुलिस लेकर दौरा किया है, जहां हेड अप किया गया था उसे हटाया गया है। उनका दावा है कि उन्होंने हेडअप करने वालों के खिलाफ थाना में रिपोर्ट लिखाने की चेतावनी दी है।

75 एकड़ सरकारी जमीन और तालाब में कब्जा कर लगा दी फसल

मालखरौदा- सक्ती | मालखरौदा तहसील के आश्रित गांव नावापारा के सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन एवं 75 एकड़ के सिंचाई तालाब में ग्रामीणों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। इन सरकारी जमीन और तालाब को खेत बनाकर धान की खेती की जा रही है, इसमें लगाई गई फसल अब पकने लगी है। किंतु राजस्व विभाग के अफसरों का ध्यान इस ओर नहीं है। सरपंच, सचिव भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि प्रशासन ने इन जनप्रतिनिधियों को गांव की सरकारी जमीन की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपीं है आज उनके संरक्षण में ही गांव के कुछ लोगों द्वारा सरकारी जमीन व सरकारी तालाब को जबरन कब्जा कर धान लगाया जा रहा है। इस संबंध में नायब तहसीलदार प्रियंका बंजारा ने बताया कि मौके पर जाकर देखकर कार्रवाई की जाएगी।

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