कांकेर : योजना में सिंचाई के लिए स्टॉपडैम से लेना है पानी लेकिन जिले के 227 में से 150 डैम काम के नहीं

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कांकेर

नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना में सिंचाई के लिए स्टापडैमों को उपयोग करने की योजना है। भास्कर ने पड़ताल की तो पाया जिले में 227 स्टापडैम तथा 29 एनीकट बने हैं। जल संसाधन विभाग के सर्वे के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं, 227 स्टापडैमों में से आधे से अधिक 150 स्टापडैम अनुपयोगी पड़े हैं।

प्राय: स्टापडैमों में गेट तक नहीं लगे हैं। कई स्टापडैम क्षतिग्रस्त हो चुके हैं तो कुछ में लीकेज की वजह से पानी नहीं रुक पाता है। शहर के दूधनदी स्टापडैम तक में गेट नहीं लगा है। 1995 में बने ईच्छापुर स्टापडैम में गेट नहीं है। ग्राम किरस्टीकुर स्टापडैम क्षतिग्रसस्त हो चुका है। सुरावंड स्टापडैम में लोहे का गेट नहीं लगा है। व्यासकोंगेरा स्टापडैम में भी गेट नहीं लगा है। पंडरीपानी स्टापडैम में गेट लगा है लेकिन लीकेज है। मनकेशरी दूधनदी स्टापडैम में भी गेट नहीं लगा है।

कांकेर। जिले में आधे से अधिक स्टापडेम पड़े हैं खराब।

मरम्मत के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव

जल संसाधन विभाग ईई आरआर वैष्णव ने कहा कि सरंगपाल व हटकुल नदी में बने एनीकट की जांच कराएंगे। एनीकट तो ठीक बना है पर आसपास किसानों ने बोर करा लिया है जिसके कारण पानी नहीं रुकता। सर्वे में 150 स्टापडैम अनुपयोगी पाए गए हैं। इन स्टापडैमों को नरवा, गुरवा, घुरवा प्रोजेक्ट के तहत मरम्मत कराने शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।

50 लाख से बनाए एनीकट में नहीं रुकता पानी

ग्राम दसपुर व सरंगपाल मार्ग पर हटकुल नदी पर वर्ष 2009 में 50 लाख की लागत से एनीकट निर्माण हुआ। एनीकट में शुरू से ही पानी नहीं रुक पाता है। लोहे के गेट लगाए जाए हैं लेकिन तकनीकी खामियों से फरवरी के अंतिम सप्ताह से ही पानी नहीं रहता। एनीकट से सरंगपाल व दसपुर के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलना था लेकिन पानी रुक तक नहीं पा रहा है।

मोहपुर डायवर्सन नहीं बना: गत वर्ष मोहपुर के हटकुल नदी में डायवर्सन अगस्त में तेज बारिश में बह गया था। डायवर्सन को नए सिरे से नहीं बनाया जा रहा है।

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