जिस गांव में सीएम ने कहा था- हाथी तो आते जाते रहते हैं, वहीं हाथियों ने किसान को मारा

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महासमुंद/ पिथौरा Oct 23, 2018

पिथौरा ब्लॉक के खैरखुंटा गांव में हाथियों के कुचलने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना रविवार रात करीब 1 बजे के आसपास की बताई जा रही है। घटना के दौरान मृतक अपने घर के बाहर धान की रखवाली करने के लिए सोया हुआ था। हाथियों की आमद से गांव में दहशत का माहौल है। यह वही गांव है जहां 6 महीने पहले 29 मार्च को लोक सुराज अभियान के दौरान पहुुुंचे सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा था कि हाथी तो आते जाते रहते हैं। हाथियों को भगाने के लिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार की रात 3 दंतैल खैरखुंटा गांव पहुंचे। हाथियों ने पहले तो गांव के बाहर ही गन्ने की फसल को खाया। इसके बाद वे गांव के अंदर पहुंचे। गांव में ही नकुल प्रधान उम्र 62 वर्ष के घर के बाहर मिंजाई के बाद धान खुले में रखा हुआ था। इसी की रखवाली के लिए नकुल बाहर सोया हुआ था। तभी रात करीब 1 बजे के आसपास पहुंचे दंतैल धान खाने लगे। चूंकि गांव में अंधेरा था इसलिए नकुल को लगा कि कोई मवेशी धान को नुकसान पहुंचा रहा है। इसलिए वो उसे भगाने के लिए उठकर उसके पास पहुंचा। तभी हाथी ने उसे पटककर मार डाला। नकुल को मारने के बाद हाथियों ने खूब चिंघाड़ा, जिसे सुनकर आसपास के ग्रामीण भी उठ गए। हाथियों को देख ग्रामीणों के होश उड़ गए और उन्होंने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इधर, शोर-शराबा सुनकर हाथी वहां से भाग गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वन अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपए मुआवजा दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार हाथी फिलहाल गिरना जंगल में वापस लौट गए हैं। यहां कुल 7 हाथी का दल रहता है, जिसमें से 3 हाथी गांव की ओर बढ़े थे।

6 महीने पहले लोक सुराज में पहुंचे थे सीएम: ज्ञात हो कि 6 महीने पहले लोक सुराज अभियान के तहत मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह खैरखुंटा गांव पहुंचे थे। इसके एक दिन पहले ही लहंगर के पास पीढ़ी गांव के कमारडेरा में हाथियों ने नीराबाई को मार दिया था। इसी सवाल के जवाब में सीएम ने कहा था कि हाथी तो आते, जाते रहेंगे, हमें एडजस्टमेंट करना होगा। पत्रकारों के सवाल पर सीएम ने कहा था कि हाथियों को भगाने के लिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। सावधानी के लिए वन विभाग और पंचायत को मिलकर लोगाें को जागरूक करना होगा।

महासमुंद। घर से करीब 10 मीटर दूर पड़ा नकुल का शव, खून के धब्बों को मिटाने उसमें डाली गई मिट्‌टी।

वन विभाग के पास हाथियों को रोकने कोई प्लान नहीं

इधर, वन विभाग के पास हाथियों को ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचने से रोकने के लिए कोई उपाय नहीं है। वन परिक्षेत्र अधिकारी जयकांत गंडेचा ने कहा कि लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। हाथियों को गांव तक पहुंचने से कैसे रोका जाए, इसके लिए कोई प्लान फिलहाल नहीं है। प्रभावित क्षेत्र में मुनादी कराई जाती है और लोगों से अपील की जाती है कि शाम को अकेले जंगल की ओर न जाएं और घर की लाइट जलाकर रखें।

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