जिले में मतदान के बाद अब धान खरीदी पर जोर, इधर केंद्रों में अभी भी उठाव है कमजोर

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राजनांदगांव Nov 13, 2018

त्योहार और मतदान की वजह से रुका हुआ धान विक्रय 13 नवंबर से जोर पकड़ने लगेगा। लेकिन उठाव कमजोर होने के कारण केंद्रों में धान संग्रहण में परेशानी आ सकती है। अरली वैरायटी के धान की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है। जिसे किसान केंद्रों में लेकर पहुंचेंगे।

अफसरों का दावा है कि केंद्रों में बहरहाल पर्याप्त मात्रा में बारदाना मौजूद है। जिससे इस महीने काम चलाया जा सकता है। पिछली बार तीन दिन पहले 9 नवंबर को खरीदी हुई थी। इस दिन तक 6170 किसानों ने ने 251002.80 क्विंटल धान बेचा था। इसका मूल्य 5204.16 लाख रुपए है। इसमें लिकिंग के जरिए 1800.17 लाख रुपए वसूल किए गए। शेष राशि किसानों के खाते में डालने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कितने किसानों के खाते में राशि जा चुकी है। यह आंकड़ा अधिकारी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के बैंकों में सर्वर डाउन रहने व कनेक्टिविटी की भी समस्या आड़े आ रही है।

ऐसा है हाल: स्टॉक रखने में हो सकती है परेशानी

राजनांदगांव. खरीदी केंद्रों में पर्याप्त बारदाना का स्टॉक रखा गया है।

संग्रहण केंद्रों के लिए उठाव नहीं

अब तक सिर्फ मिलर्स ही केंद्रों से धान का उठाव कर रहे है। अब तक 2340 क्विंटल धान का परिवहन किया जा चुका है। यह मात्रा काफी कम है। इस बार आचार सहिंता के कारण परिवहन टेंडर में दिक्कत आई। यही वजह है कि अब तक संग्रहण केंद्रों के लिए उठाव शुरू नहीं हो पाया है। खरीदी केंद्रों में बफर लिमिट तय है, इससे अधिक की खरीदी हुई तो केंद्रों में धान रखने के लिए जगह नहीं होगी। समितियों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

चक्रवात का असर, बदल सकता है मौसम

इधर मौसम विभाग ने चक्रवात के असर से मौसम में बदलाव के संकेत दिए है। बादल आने या फिर बूंदाबांदी होने से खरीदी केंद्रों में रखे धान को नुकसान पहुंच सकता है। इसके लिए समितियों को पर्याप्त पॉलीथीन की व्यवस्था करनी होगी। गौरतलब है कि हाल ही में बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘गाजा’ निर्मित हुई है। इसके नजदीक आते ही छत्तीसगढ़ में भी प्रभाव दिखने लगेगा। तापमान में बढ़ोतरी के साथ बादल छाने के आसार बनेंगे।

1.48 लाख किसानों ने कराया है पंजीयन

इस साल बारिश अच्छी हुई है। इसलिए कृषि विभाग भी बेहतर उत्पादन का अनुमान लगा रहा है। सूखे का प्रभाव ज्यादा नहीं है। 299000 हेक्टेयर में रकबे में कुल 1.34 करोड़ क्विंटल उपज होने का अनुमान है। इस साल पंजीकृत किसानों की संख्या 1 लाख 31 हजार से बढ़कर 1,48,640 तक पहुंच चुकी है। खरीदी केंद्रों में भी व्यवस्था पूरी की गई है।

मार्कफेड से 7411.33 लाख रुपए जारी, फिर भी देरी

खरीदी के साथ ही मार्कफेड से राशि जारी की जा रही है। 9 तारीख की स्थिति में मार्कफेड से 7411.33 लाख रुपए जारी किए जा चुके है। यह राशि एडवांस में चल रही है। इसलिए किसानों के भुगतान में किसी तरह की समस्या उत्पन्न नहीं हो रही है। लेकिन दुर्भाग्य वश इस साल तत्काल भुगतान के निर्देश के बाद भी किसानों के खाते में दो से तीन दिन में रुपए पहुंच रहे है। इस बार त्योहार में किसानों को धान बेचने के बाद भी आर्थिक दिक्कत से गुजरना पड़ा। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक प्रभारी एसके द्विवेदी ने कहा कि मतदान के बाद आवक तेज होने के आसार है। फिलहाल मिलर्स धान का उठाव कर रहे है। संग्रहण केंद्रों के लिए परिवहन की व्यवस्था डीएमओ के अधीन है।

करनी होगी तैयारी: मध्यम वैरायटी की धान दिसंबर में आ जाएगी। इसके बाद खरीदी का आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा। इसके लिए प्रशासन को बेहतर तैयारी करनी होगी।

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