राजनाँदगाँव : संग्रहण केंद्रों से मिलर्स को जारी धान में हो रही थी कांटामारी, जांच में हुआ खुलासा

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राजनाँदगाँव May 04, 2019

संग्रहण केंद्रों से मिलर्स को जारी धान में कांटामारी की जा रही है। हाल ही में प्रशासन की जांच में इसका खुलासा हुआ है। यदि इस मामले में नजर नहीं पड़ती तो संबंधित मिलर्स को कम मात्रा में धान जारी कर करीब 65 लाख रुपए का वारा न्यारा कर चुके होते। भौतिक सत्यापन के बाद कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने खुद एमडी को पत्र लिखकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। इस मामले में डीएमओ एसके पाठक समेत कलकसा, ठेलकाडीह और घोठिया संग्रहण केंद्र प्रभारी बुरी तरह घिर गए हैं। यहां तक की कार्रवाई की गाज नापतौल निरीक्षक के ऊपर भी गिर सकती है। कुछ दिनों पहले मिलर्स ने शिकायत की थी कि उन्होंने संग्रहण केंद्र से जारी धान की तौलाई धर्मकांटा में कराई थी, इस दौरान धान की मात्रा कम मिली। इस मामले की जांच के लिए संग्रहण केंद्रों में मौजूद स्टॉक का आंकलन कराया गया, वहां हिसाब से अधिक धान मिला।

ऐसी थी प्लानिंग: नजर नहीं पड़ती तो 65 लाख रुपए के हो जाते वारे-न्यारे

शॉर्टेज पूर्ति की बात कह घुमाते रहे अधिकारी

जब केंद्र प्रभारियों से पूछा गया कि हिसाब से अधिक धान कैसे है तो संबंधितों ने सोसायटी प्रभारियों ने शार्टेज भरपाई की बात बनानी शुरू कर दी। इस पर जांच टीम ने सवाल किया कि शार्टेज भरपाई का हिसाब तो अलग से रखा जाता है। ऐसा हो नहीं सकता। तीनों संग्रहण केंद्रों में 6500 बोरा धान (2600 क्विंटल) अधिक पाया गया। जांच में खुलासा हुआ है।

पहले मामले में डीएमओ से हुई थी शिकायत

जांच में यह भी पता चला कि मिलर्स ने धान कम मिलने की शिकायत पहले डीएमओ पाठक से की थी, लेकिन उन्होंने मामले की जांच ही नहीं कराई। जब कलेक्टर ने उन्हें जांच की बात पूछी तो डीएमओ ने कह दिया कि जांच हो चुकी है, ऐसा कुछ भी नहीं है। बाद में मिलर्स ने कलेक्टर के समक्ष मामले की शिकायत की तब पोल खुली।

धान में छोटी-छोटी मात्रा में हो रही थी कांटामारी

अधिकारियों की मानें तो संग्रहण केंद्रों से मिलर्स को जारी किए गए धान में छोटी-छोटी मात्रा में कांटामारी हो रही थी। मसलन किसी मिलर्स को 200 क्विंटल दिया गया है तो उसमें एक क्विंटल की कमी, किसी को 80 किलोग्राम कम धान दिया जा रहा था। एक बोरे में 40 किलोग्राम धान की भर्ती होती है, एक क्विंटल धान के लिए ढाई बोरे की जरूरत पड़ती है।

भास्कर रिकॉल

पहले भी ट्रकों से धान पार होने का हुआ था खुलासा

जनवरी में खाद्य विभाग के टीम ने छापा मारकर संग्रहण केंद्र पहुंचने के पहले ट्रकों से हो रही सरकारी धान की चोरी का खुलासा किया था। डोंगरगांव ग्राम जंतर अरसीटाला पहाड़ी में ड्राइवर बोरियां चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे। पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि 500 रुपए में एक बोरी धान बेचते थे। उस समय भी डीएमओ ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया था।

इधर स्टॉकिंग के लिए किराए पर लिए गोदाम: एफसीआई और नान के गोदामों में चावल जमा करने के लिए जगह नहीं बची है। ऐसे में मिलिंग कार्य धीमी गति से चल रहा है। समस्या के समाधान के लिए किराए पर गोदाम लिए गए है। अधिकारियों की माने से इससे काम बन जाएगा।

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