एक हेक्टेयर में 60 क्विंटल धान का था दावा, दो माह से बाली आने का इंतजार करते रहे किसान, अब हुआ ये

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18 Oct 2018

कटनी. कृषि विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता और लापरवाही के चलते जिले के सैकड़ों की किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। हजारों रुपए की लागत लगाकर किसानों ने धान लगाई, लेकिन उस धान में बालियां ही नहीं आई। अपने साथ हुए छलावा व कृषि विभाग द्वारा घटिया बीज दिये जाने का आरोप लगाते हुए किसानों ने कलेक्टर केवीएस चौधरी से जांच कराने मांग की है। इस पर कलेक्टर ने जांच के आदेश दिये हैं। कलेक्टर के आदेश पर कृषि विभाग धान में बालियां क्यों नहीं हैं इसकी वास्तविक स्थिति का पता लगा रही है। जानकारी के अनुसार जिले के 5 हजार से अधिक किसानों 720 क्विंटल जेकेआरएच 3333 धान का बीज खरीफ 2018 की बोनी के लिए उपलब्ध कराया गया था। किसानों ने हाइब्रिड के बीज को हजारों रुपए की लागत लगाकर तैयार किया। रोपाई, निंदाई, जुताई सहित अन्य कार्य में हजारों रुपए खर्च किये। लेकिन धान में बालियां ही नहीं आईं। बीज लेने वाले किसान कई बार क्षेत्रीय अधिकारियों से शिकायत करते रहे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उल्लेखनीय है कि किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 से 60 क्विंटल धान का उत्पादन होने का आश्वासन दिया गया था, अब बाली न आने से किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।

किसानों की नहीं हो रही थी सुनवाई
परेशान होकर ग्राम गुरजीकला रूड़मूड़ के किसानों ने कलेक्टर से शिकायत की, तबजाकर मामला उजागर हुआ। कलेक्टर के आदेश पर कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. बैन, सहायक संचालक, एसएडी, एसएडीओ सहित चार सदस्यीय जांच दल बनाया गया। बुधवार को टीम जांच के लिए पहुंची और वास्तविक स्थिति का पता लगाया। जांच रिपोर्ट के अधार पर कृषि अधिकारियों कार्रवाई की जाएगी। उप संचालक कृषि एके राठौर ने कहा कि इस मामले में उन्होंने गांवों का दौरा किया है। समय पर बीज उपचार, कीटनाशक का छिड़काव व पानी न देने की वजह से दो गांव में धान में बालियां नहीं आई, हालांकि मामले की जांच कराई जा रही है। अन्य गांवों में धान की स्थिति बढिय़ा है।

लापरवाही पर एसडीओ को नोटिस
रीठी क्षेत्र के किसान कृषि विभाग के अधिकारियों की मनमानी से खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि विभाग के अधिकारी कभी भी समसमायिक जानकारी नहीं देते। किसानों की शिकायत पर आरएइओ बीएस अधिमानी को उप संचालक कृषि एके राठौर ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। किसानों का आरोप है कि उन्हें मिलने वाला नि:शुल्क बीज के बदले अधिकारी द्वारा राशि ली गई है और अब बालियां न आने से डबल नुकान हुआ है।

इनका कहना है
पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। किसानों के वितरण के लिए बीज विभाग से आया था। बालियां क्यों नहीं लगी कृषि वैज्ञानिक सहित विभगा के अधिकारी जांच कर रहे हैं। आरएइओ को नोटिस जारी किया गया है। किसानों द्वारा बीज उपचार न किये जाने व पानी, कीटनाशन आदि का छिड़काव न होने के कारण भी फसल खराब होना जान पड़ता है।

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