दावे बड़े…बिजली कम्पनी मात्र 153 किसानों दिया योजना का लाभ

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रतलाम। अप्रैल से अब तक जिले के अलग-अलग गांवों में जले 500 से अधिक ट्रांसफार्मरों में से 153 को परिवहन योजना अन्तर्गत लाभ की राशि जारी की। क्योंकि 153 के अलावा अन्य ट्रांसफार्मर किसानों द्वारा नहीं कम्पनी के वाहनों से लाए गए थे। स्वयं के खर्चे पर परिवहन कर जले हुए ट्रांसफार्मर बिजली कंपनी या डिपो पर लाने ले जाने का खर्चा बिजली कंपनी वहन तो कर रही है, लेकिन कई ऐसे किसान है जिन्हे अब तक योजना की जानकारी ही नहीं है। इसी कारण चंबल कॉलोनी ग्रीड से लेकर पॉवर हाउस रोड स्थित कंपनी के कार्यालय तक चक्कर लगाते नजर आते हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो अप्रैल माह से अब तक जिले के 153किसानों को परिवहन की राशि जारी की जा चुकी है। इसके अलावा 200 रुपए का पारिश्रमिक भी दिया जा रहा है।

 

0 से 25 किमी तक के 400 रुपए
बिजली कंपनी के डीई ग्रामीण जयेंद्र ठाकुर ने बताया कि 0 से 25 किमी तक ट्रांसफार्मर परिवहन करने पर 400 रुपए, 26 से 50 किमी तक परिवहन होने पर 800 रुपए दिए जा रहा है। 51 किमी या अधिक दूरी पर प्रति किमी 8 रुपए अतिरिक्त दिया जाएगा। अप्रैल माह से शुरू हुई योजना के अन्तर्गत अब तक वैसे 153 किसानों का लाभ मिला है, जबकि जिले से 500 से अधिक जले हुए ट्रांसफार्मर ग्रीड पर पहुंचे थे, जिसमें से अधिकाश कम्पनी के वाहन से परिवहन किए गए है। किसान अगर स्वयं के व्यय से ट्रांसफार्मर ग्रीड तक लाकर ले जा रहा है तो उसे परिवहन और पारिश्रमिक राशि का भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए किसानों का सहमति पत्र, आधार और किसी भी एक किसान की बैंक पासबुक की फोटो कॉपी आदि जमा कराना होता है।

सुविधानुसार 2 माह का अस्थाई कनेक्शन
रबि सीजन में किसान तालाब, कुओ, ट्यूबवेलों से सिंचाई करते है, रबि के सीजन में किसानों को पानी की कमी का सामना तो करना पड़ रहा है। इसके साथ ही इतना पानी नहीं होने के कारण चार माह का अस्थाई कनेक्शन भी भारी पड़ता नजर आ रहा था। अब बिजली वितरण कम्पनी किसानों को लेकिन सुविधानुसार 2 माह का कनेक्शन भी दे रही। ताकि चना, सरसो आदि फसल में एक-दो पानी आसानी से कर सके।

स्वयं ट्रांसफार्मर लाने पर परिवहन खर्च
अप्रैल से अब तक 500 से अधिक जले हुए ट्रांसफार्मर आ चुके हैं। 153 को परिवहन राशि जारी की जा चुकी है, जो स्वयं के वाहन से लाए और ले गए। 8-10 किसान आज कल वाले ही बाकि होंगे। वर्तमान में किसानों की सुविधानुसार 2 माह का भी अस्थाई कनेक्शन दिया जा रहा है।
जयेंद्र ठाकुर, डीई ग्रामीण क्षेत्र
मप्र विद्युत वितरण कम्पनी, रतलाम

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