धान खरीदी: 900 से अधिक नए किसानों का पंजीयन

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रायगढ़ Oct 11, 2018

1 नवंबर से पूरे प्रदेश के साथ जिले में भी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो जाएगी। धान खरीदी के लिए पहले पुराने किसानों का सत्यापन और नए किसानों का पंजीयन हो रहा है। पिछले साल के पंजीकृत किसानों का सत्यापन कर लिया गया है। इसके लिए सभी क्षेत्रों के पटवारी गांव-गांव जाकर किसानों के धान के रकबे के साथ ऋण पुस्तिका व अन्य जानकारियों के आधार पर सॉफ्टवेयर में दर्ज जानकारियों का सत्यापन किया गया। पिछले साल जिले में 78944 किसानों का पंजीयन किया गया था। इसी रिकॉर्ड को आधार मानकर इस बार सत्यापन किया गया। वहीं अब तक 910 नए किसानों का पंजीयन हो चुका है। इस तरह अब जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़कर 79 हजार 854 हो गई है। जबकि अभी पंजीयन के लिए 20 दिनों का समय शेष है। मंगलवार को कलेक्टर शम्मी आबिदी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जिले के 79 समितियों की 123 प्रबंधकों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों की बैठक ली। कलेक्टर ने धान खरीदी कार्य में उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, खाद्य अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, नोडल अधिकारी अपेक्स बैंक के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धान खरीदी के पूर्व आरंभिक व्यवस्था एवं धान खरीदी के संबंध में निर्देशित करते हुए नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने चुनाव में समिति में पंजीकृत किसानों को मतदान का प्रयोग करने मतदान जागरूकता कार्यक्रम स्वीप में प्रेरित करने के लिए सुझाव दिया।

12 सौ हेक्टे. रकबा भी बढ़ा

पिछले खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए 78 हजार 944 किसान ने पंजीयन कराया था। जिनका रकबा 1 लाख 39 हजार 959 हेक्टेयर था। इस साल अब तक 79 हजार 854 किसान हो चुके है। इनके खेत का रकबा 1 लाख 41 हजार 160 हेक्टेयर हो चुका है। जबकि अभी पंजीयन जारी है। साल दर साल रकबा बढ़ने से फर्जीवाड़ा होने की बात कही जा रही है। यह बात समझ में आती है कि कई परिवारों में बंटवारा हो जाने से किसान अपना अलग ऋण पुस्तिका बनवा लेते हैं। इससे किसानों की संख्या बढ़ जाती है, मगर खेती का रकबा तो उतना ही होना चाहिए। पर साल दर साल रकबा बढ़ने से बढ़ा चढ़ाकर पंजीयन करने की बात सामने आती है।

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