क्षेत्र में कम बारिश होने से गेहूं का रकबा कम करने और चने का बढ़ाने पर जोर दे रहा विभाग

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नसरुल्लागंज Oct 14, 2018

नसरुल्लागंज क्षेत्र में इस वर्ष मात्र 23 इंच बारिश होने के कारण किसान रबी सीजन को लेकर चिंता में हैं। इस वर्ष सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से किसान क्या बोएं और क्या न बोएं इस उलझन में ही थे, लेकिन कोलार नहर संभाग द्वारा किसानों को खेतों में पलेवा करने के लिए एक बार पानी देने की घोषणा की गई। इससे किसानों ने इस बार गेहूं के स्थान पर चने की बोवनी करने का मन बना लिया। वहीं कृषि विभाग ने कम बारिश को देखते हुए किसानों को कम पानी वाली फसल की बोवनी करने के लिए सलाह देना शुरू कर दिया है।

कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्रदर्शन का बीज दिया जा रहा है। चने की विभिन्न किस्म भी विभाग के पास आ चुकी है, इसका मूल्य किसानों से 4400 रुपए जमा कराया जा रहा है। इसमें सब्सिडी की राशि किसानों के खाते में जमा करने किसानों से दस्तावेजों भी मांगे जा रहे हैं।

28 अक्टूबर से आएगा नहरों में पानी

इस वर्ष कोलार डेम आधा खाली रहने के कारण विभाग द्वारा सिर्फ एक पानी पलेवा के लिए दिया जाएगा। इसके लिए विभाग 28 अक्टूबर से नहरों में पानी छोड़ेगा। इस व्यवस्था से किसान एक पानी वाली फसल का उत्पादन तो ले ही सकेंगे। गेहूं की बोवनी वहीं किसान करेंगे, जिनके खेतों में पर्याप्त मात्रा में पानी हैं।

खेतों के जल स्रोतों ने भी तोड़ा दम

इस वर्ष अल्प वर्षा के कारण किसानों के खेतों में जल स्रोत में जलस्तर में वृद्धि नहीं हो सकी। जो बोरवेल पिछले वर्ष अच्छा पानी दे रहे थे वह इस वर्ष आधा घंटा चलने के बाद ही पानी देना बंद कर देते हैं। किसानों द्वारा गेहूं की बोवनी करने के लिए अपने खेतों में ट्यूबवेल खनन का कार्य तेज गति से किया जा रहा है, लेकिन इसमें भी 50 फीसदी किसानों के हाथ सिर्फ निराशा ही लग रही है। ऐसी स्थिति में किसानों के सामने एक पानी वाली फसल चना की बोवनी ही एक मात्र साधन है।

इस साल दस हजार हेक्टेयर ज्यादा, चना का लक्ष्य 35 हजार निर्धारित : पिछले वर्ष चना का रकबा 25 हजार हैक्टेयर निर्धारित किया गया था, लेकिन इस वर्ष कम बारिश के चलते चने के रकबे में 10 हजार हैक्टेयर की वृद्धि की गई हैं। इस वर्ष चना का रकबा 35 हजार हैक्टेयर में निर्धारित किया गया है। इससे कि किसान कम पानी वाली फसल के रूप में चने की बोवनी अधिक से अधिक संख्या में कर सके।

पिछले वर्ष चना का उत्पादन भी अच्छा हुआ है। जिसको देखते हुए किसानों द्वारा अच्छा किस्म का चना बीज की खरीदी की जा रही है।

बढ़ेगा चने का रकबा, कम पानी में ज्यादा उत्पादन देने वाली फसल पर ध्यान

अनुदान पर दिया जा रहा है चने का बीज

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