तिरंगा पट्टा की भूमि को राजस्व रिकाॅर्ड में दर्ज कर फसल क्षति का मुआवजा भुगतान की मांग

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मनेंद्रगढ़ | Sep 18, 2018

जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ के पूर्व सदस्य अधिवक्ता आरएन पटेल ने कलेक्टर कोरिया को पत्र लिखकर वर्ष 1990-91 में वन भूमि के आवंटित तिरंगे पट्टों की भूमि को राजस्व रिकार्ड में दर्ज कर फसल क्षति का मुआवजा प्रदान किए जाने की मांग की है।

पूर्व जनपद सदस्य ने कहा कि 29 फरवरी 2016 को उन्होंने तत्कालीन कोरिया कलेक्टर एस प्रकाश को कोरिया जिले के किसानों को वर्ष 1990-91 में वन भूमि के आवंटित पट्टों को राजस्व अभिलेख में दर्ज कर वर्ष 2015-16 में अकाल की स्थिति में बाकी कृषकों की तरह मुआवजा भुगतान करने का निवेदन किया था। इस पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन कलेक्टर कोरिया के अनुमोदन पर कलेक्टर (भू-अभिलेख) कोरिया द्वारा 22 मार्च 2016 को जिले के सभी तहसीलदारों व राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को वर्ष 1990-91 में वन भूमि के आवंटित पट्टों को राजस्व रिकार्ड में दर्ज कर मुआवजा वितरण की कार्रवाई करने निर्देशित किया गया। इसके पश्चात भी कोई कार्रवाई न होने पर कलेक्टर (भू-अभिलेख) बैकुंठपुर द्वारा पुन: 28 अक्टूबर 2017 को जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी व तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि गांवों में शिविर लगाकर रिकार्ड दुरुस्ती की कार्रवाई करें व एक प्रोफार्मा भी उपलब्ध कराया गया, ताकी किसानों को अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके बावजूद इसके वन भूमि के पट्टों को राजस्व रिकार्ड में दर्ज नहीं किया गया। पूर्व जनपद सदस्य ने कहा कि इसके बाद उन्होंने 12 फरवरी 2017 को कलेक्टर के समक्ष पत्र प्रेषित किया। कोई कार्रवाई न होने पर 5 अक्टूबर 2017 को सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन रायपुर को पत्र लिया गया जिस पर अपर सचिव छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग रायपुर द्वारा 11 दिसंबर 17 को कलेक्टर को इस संबंध में कार्रवाई करने निर्देशित किया गया।

पूर्व जनपद सदस्य ने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के बावजूद आज पर्यंत वर्ष 1990-91 में आवंटित वन भूमि के पट्टों को राजस्व रिकाॅर्ड में दर्ज नहीं किया गया है और न ही उनको मुआवजा का भुगतान किया गया है। उन्होंने एक बार पुन: कलेक्टर कोरिया से वर्ष 1990-91 में वन भूमि के आवंटित तिरंगे पट्टे की भूमि को राजस्व अभिलेखों में दर्ज किए जाने की मांग की अपील की है।

क्षेत्र के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जाए

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