हमारा किसान मेहनतकश, उसे खेती में पानी मिलेगा तो समृद्ध बनेगा: मलैया

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सीतानगर | Sep 11, 2018

के पास 518 करोड़ की लागत से बनने वाली सीतानगर सिंचाई परियोजना व एक करोड़ की लागत से बनने वाले शाला भवन के भूमिपूजन वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया ने किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में श्री मलैया ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र में हरियाली-खुशहाली और समृद्धि आएगी। इससे 45 हजार एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होगी तथा पीने के लिए 5 एमसीएम पानी सुरक्षित रहेगा।

उन्होंने कहा खेती की तरक्की के बिना गांव और प्रदेश की तरक्की संभव नहीं। हमारा किसान मेहनतकश है, उसे खेती में पानी मिल जाए तो मेहनत से बेहतर उत्पादन होगा और क्षेत्र तथा किसान समृद्धशाली होगा। इसी सोच के साथ जिले में पंचमनगर, जूड़ी, साजली और सतधरू तथा सीतानगर सिंचाई परियोजनाएं तैयार की गई। उन्होंने कहा व्यारमा नदी में भाजपा सरकार ने स्टापडेम बनवाए। पंचमनगर से सिंचाई प्रारंभ हो गई है, कार्य चल रहा है, इस वर्ष काफी क्षेत्र में सिंचाई होने लगेगी। सरकार ने नहरों की अपेक्षा आधुनिक पद्धति अपनाई है, अब पाइप और स्प्रकलर के माध्यम से खेतों में पानी पहुंचेगा और पानी की बर्बादी भी नहीं होगी। उन्होंने कहा इस परियोजना से दमोह, हटा और पथरिया विधानसभा क्षेत्र के 84 गांवों में 45 हजार एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होगी। यह परियोजना क्षेत्र के विकास के द्वारा खोलेगी।

सके पूर्व सांसद प्रहलाद पटेल ने कहा पानी और सिंचाई परियोजना से जल आएगा और जलवायु भी बदल जाएगी। उन्होंने कहा क्षेत्र में विकास होगा और समृद्धि भी आएगी। उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा हमें विचार करना होगा, कमाने से अकेले समृद्धि नहीं आएगी। धन से विकास हो सकता है, पर हमें संस्कार पर गौर करना होगा। सांसद ने कहा यह परियोजना क्षेत्र में विकास और समृद्धि लाएगी पर अहंकार से बचना होगा। उन्होंने कहा अहंकार विनाश का कारण बनता है। यह भी कहा पानी के बगैर किसानी में संपन्नता नहीं होगी। कार्यक्रम को राजेंद्र गुरू, डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक लखन पटेल, उमादेवी खटीक, देवनारायण श्रीवास्तव, सिद्धार्थ मलैया ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन भाजपा महामंत्री रमन खत्री और आभार प्रदर्शन भाजपा उपाध्यक्ष अखिलेश हजारी ने व्यक्त किया। कार्यपालन यंत्री पुष्पेंन्द्र सिंह ने परियोजना का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।


परियोजना

मध्यम सिंचाई परियाेजना के स्थान को लेकर कुछ किसानों ने आपत्ति उठाई है। उनकी डिमांड है कि परियोजना का नाम सीतानगर मध्यम सिंचाई परियोजना रखा गया है, लेकिन उसे चैनपुरा में बनाया जा रहा है। परियोजना को सीतानगर में ही बनाया जाए। ग्रामीणों ने इसको लेकर शिकायत भी दर्ज कराई है। करीब50 किसानों परियोजना के साथ को लेकर अपनी बात रखी है।

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