किसानों ने मांगा समर्थन मूल्य, डंडा देख भड़के

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कांकेर | Sep 27, 2018

अनुसूचित जाति जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और संयुक्त संघर्ष मोर्चा अपनी मांगों को लेकर बुधवार को शहर में रैली निकाल कलेक्टोरेट का घेराव करने पहुंचा। प्रदर्शन को देखते पुलिस व जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर कलेक्टोरेट के सभी रास्तों को सील कर दिया था। आंदोलनकारी जैसे ही कलेक्टोरेट मार्ग में पहुंचे दौड़ने लगे, हालांकि इन्हें फोर्स ने रोक लिया लेकिन ज्ञापन सौंपने अंदर जाने के दौरान रोके जाने से स्थिति बिगड़ने लगी। पुलिस व नेताओं में बहस व खींचतान होने लगी। पुलिस ने स्थिति संभालते किसानों को भड़कने से पहले शांत करा लिया।

बोनस, आरक्षण समेत अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर जिलेभर के किसान व अन्य लोग 26 सितंबर को गोंडवाना भवन में एकजुट हुए। सभा के बाद दोपहर एक बजे यहां से विशाल रैली निकाली गई। प्रदर्शन में गिरवर साहू, बुधियार सिंह बारला, चंद्रकांत ध्रुवा, कन्हैया उसेंडी, नरोत्तम पटोडी, रतन टांडिया, राजेश भास्कर किसान शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल के अंंदर जाने के बाद बाकी किसान भी जाने के लिए अड़े तो पुलिस ने रोकने के लिए दिखाया डंडा

कांकेर। बढ़ा हुआ धान समर्थन मूल्य आदि मांगों को लेकर प्रतिनिधि मंडल के साथ अंदर नहीं जाने देने से भड़के नेताओं ने शुरू की धक्का-मुक्की।

बाहर से भी फोर्स मंगवाई गई थी

पुलिस समझाईश देने हरे व लाल रंग के बैनर व झंडे भी लेकर पहुंची थी। इसके अलावा वाटर कैनन, टियर गैस से लैस बलवा ड्रिल भी तैनात किया गया था। बाहर से भी फोर्स मंगवाई गई थी।

बोनस, आरक्षण और ट्रामा सेंटर मांगा

समर्थन मूल्य 25 सौ, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27, अनुसूचित जाति वर्ग को पूर्ववत 16% आरक्षण देने, एसटीएससी एक्ट से छेड़छाड़ नहीं करने, जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर शुरू करने की मांग है।

16 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया ज्ञापन

एसडीएम भारती चंद्राकर ने कहा किसानों व समाज की ओर से 16 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन मिला है। इसमें कई केंद्र स्तर की है। प्रस्ताव बना कर वहां भेजा जाएगा।

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