1 नवंबर से धान की खरीदी केन्द्रों में रखने की जगह के हिसाब से होगी

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कोरबा Oct 25, 2018

एक नवंबर से शुरू हो रही धान खरीदी व्यवस्था में सुधार करते हुए प्रशासन ने नया नियम बना दिया है। इसके तहत खरीदी केंद्र में धान रखने के लिए जितनी जगह होगी उतनी ही खरीदी की जाएगी। व्यवस्था के तहत अगले उठाव व जगह खाली होने के बाद ही फिर से खरीदी शुरू होगी। क्षमता से अतिरिक्त धान केंद्र में रखने पर रोक लगाने के लिए पिछले साल केंद्र में किसानों को एक दिन पहले जानकारी देकर टोकन लेने का नियम बनाया गया था। लेकिन नियम को ताक पर रखकर कई केंद्र में अतिरिक्त धान देने की शर्त पर किसानों को टोकन दे दी जाती थी। इससे कम जगह में अधिक धान का जमा होता था। मौसमी मार से धान नुकसान होता था। अब जबकि उपार्जन केंद्र में क्षमता से अतिरिक्त धान नहीं होंगे, ऐसे में सुरक्षा में लापरवाही की वजह से होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी समिति प्रबंधकों की होगी। धान खरीदी के लिए चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रखने का निर्देश जिला प्रशासन की ओर हर वर्ष दिया जाता है। इसके बावजूद फड़ तैयार करने में समिति प्रबंधकों की मनमानी देखी जा रही है। प्लास्टिक बोरी से ड्रेनेज बनाए बगैर ही जमीन पर धान को रख दिया जाता है। ऐसे में मौसमी मार से लाखों के धान को नुकसान होता है। खरीदी केंद्र में लाए धान की रखवाली के लिए रतजगा करना पड़ता। टोकन सिस्टम जारी करने से अब इस तरह की समस्या से किसानों को निजात मिल सकेगा। साथ ही समिति प्रबंधकों को सुरक्षा के लिए समस्या नहीं होगी।

किसानों से नहीं ले सकेंगे काम

धान की सुरक्षा, हमाल से काम करवाने व किसानों की आवश्यक सुविधा के लिए शासन की ओर प्रत्येक क्विंटल के दर से 12 रुपए सुरक्षा राशि जारी की जाएगी। उक्त राशि में से पिछली धान खरीदी के दर से दो रुपए जारी किया गया है। इस आशय से किसानों से धान पलटी हमाल से ही कराया जाएगा। समिति प्रबंधक धान की खरीदी के लिए के लिए किसानों से काम नहीं ले सकेंगे। उपार्जन केंद्र में धान की कीमत संबंधित फ्लेक्स, विद्युतीकरण, पेयजल सुविधा आदि सुनिश्चत प्रबंधकों को करना होगा। अव्यवस्था की स्थिति में किसानों की ओर से शिकायत किए जाने पर प्रशासन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

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