MP – किसानों की हुंकार – नेता वोट मांगने हमारे गांव में नहीं आएं

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सोयाबीन की फसल में कीट लगने से वह पूरी तरह नष्ट हो गई। फसल का बीमा कराया था। प्रीमियम की राशि भी जमा कराई थी। बावजूद जिले के 215 हलकों में पटवारियों की लापरवाही से किसानों को बीमा क्लेम की राशि नहीं मिली। कलेक्टर मनीष सिंह से किसानों ने यह बात मंगलवार को कलेक्टोरेट पर कही। वेे आगर रोड स्थित सामाजिक न्याय परिसर से रैली के रूप में कलेक्टोरेट पहुंचे थे।

भारतीय किसान संघ की अगुवाई में 8 ट्रैक्टर, 200 दो पहिया वाहन के साथ बड़ी संख्या में किसानों ने दोपहर 12.15 बजे सामाजिक न्याय परिसर से पैदल मार्च निकाला। दोपहर 1.30 बजे कलेक्टोरेट पहुंचे। वहां एडीएम जीएस डावर ज्ञापन लेने पहुंचे तो किसानों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। वे कलेक्टर से मुलाकात करने पर अड़े थे। दोपहर 2.15 बजे कलेक्टर आए। उन्होंने ज्ञापन लेकर कहा-मामले को दिखवाएंगे। इसके पहले रास्ते में प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बोले- जो सरकार किसानों का साथ नहीं दे रही उसका चुनाव में बहिष्कार करेंगे। हमारा नेताओं से आग्रह है कि वे वोट मांगने हमारे गांव न आएं। संघ के प्रांतीय महामंत्री महेश चौधरी ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि 15 दिन में मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकाल के लिए कलेक्टोरेट का घेराव करेंगे। विधायक वोट मांगने गांव आए तो उन्हें घुसने नहीं दिया जाएगा। प्रचार करने वाली पार्टियों का भी बहिष्कार करेंगे।

सड़क पर उतरे किसान…क्योंकि फसल खराब होने के बाद भी बीमा कंपनी ने नहीं दिया क्लेम

आगर रोड स्थित सामाजिक न्याय परिसर से रैली के रूप में कलेक्टोरेट पहुंचे किसान बृहस्पति भवन के सामने सड़क पर बैठ गए।

कलेक्टोरेट परिसर में कलेक्टर को ज्ञापन देकर चर्चा करते किसान।

7713 रुपए प्रीमियम जमा कराया, एक रुपया नहीं मिला

40 बीघा में सोयाबीन की फसल लगाई थी। उसका बीमा कराया ताकि फसल खराब होने पर कुछ तो राहत राशि मिल जाए। बतौर प्रीमियम 7713 रुपए जमा भी कराए। फसल खराब हुई तो सहकारी संस्था में संपर्क किया लेकिन एक रुपया भी नहीं मिला। -उत्तम सिंह, मंगरोला

52200 रुपए प्रीमियम देने के बाद भी नाम ही नहीं आया

58 बीघा में सोयाबीन लगाई थी। फसल खराब होने पर राहत राशि मिलने की उम्मीद में बीमा करवाया। 52200 रुपए प्रीमियम भी जमा कराया। कीट से फसल खराब तो हुई लेकिन जिन लोगों को बीमा क्लेम मिला, उनमें नाम ही नहीं आया।

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