डीई को किसानों ने सब स्टेशन में घेरा

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बिजली कंपनी के डीई पराग झरवड़े को श्योपुर के बगडुआ गांव के फीडर पर किसानों ने घेर लिया और उन्हें फीडर से बाहर ही नहीं निकले दिया। किसानों की मांग थी कि वह पहले ट्रांसफार्मर बदलें, उसके बाद ही उन्हें यहां से जाने दिया जाएगा। इस पर डीई ने किसानों से वादा किया कि उनके फीडर पर ट्रांसफार्मर बदलने का काम शुक्रवार को ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ही किसानों ने उन्हें फीडर से निकलने दिया।

बगडुआ फीडर बीते 18 महीने से बंद पड़ा हुआ है, इसके चलते चिमलका, भीखापुर, सोंईकलां, बगडुआ, गुरूनावदा, ददूनी सहित अन्य गांवों की बिजली सप्लाई सोंई फीडर से की जा रही है, लेकिन लोड अधिक होने के साथ यह फीडर भी लगातार बंद हो रहा है। फॉल्ट के कारण बीते 15 दिनों से किसानों काे न तो घरों में बिजली मिल पा रही है और न ही फसल सिंचाई के लिए। जिसे लेकर किसान पूर्व में एसई सहित अन्य अधिकारियों को भी अवगत करा चुके हैं। गुरूवार-शुक्रवार की दरमियानी रात में डीई पराग झरवड़े बगडुआ फीडर पर ट्रांसफॉर्मर में ऑयल डालने पहुंचे, जिसकी जानकारी जब ग्रामीणों को लगी तो वह भी मौके पर रात में ही पहुंच गए। इस बीच तीन बार ट्रांसफार्मर में ऑयल डालकर उसे चालू करने का प्रयास डीई द्वारा किया गया, लेकिन ट्रांसफार्मर के चालू होते ही डीओ लगातार फॉल्ट हो रहे थे। रातभर में भी ट्रांसफार्मर चालू नहीं हो सका, ऐसे में शुक्रवार की सुबह 6 बजे किसानों से डीई ने कहा कि उक्त ट्रांसफार्मर ही फुंका हुआ है। जिस पर किसान भड़क गए और उन्होंने कहा कि जब ट्रांसफार्मर फुंका हुआ है तो उन्हें बेवकूफ क्यों बनाया जा रहा था। गुस्साए किसानों ने डीई झरवड़े को घेर लिया और उन्हें जाने से रोक दिया। किसानों ने उनसे मांग की कि, पहले ट्रांसफार्मर बदला जाए, इसके बाद ही वह उन्हें जाने देंगे। सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक किसानों ने पूरे 6 घंटे सब-स्टेशन से बाहर नहीं निकले दिया, जबकि मौके पर किसानों ने धरना-प्रदर्शन भी किया। इसके बाद किसानों ने डीई से वादा लिया कि, वह तभी जाएंगे, जब ट्रांसफार्मर आज ही के दिन बदला जाएगा। जिस पर डीई ने किसानों से वादा किया कि उनका ट्रांसफार्मर एक ही दिन में बदला जाकर बिजली सप्लाई शुरू की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकलने दिया।

सब-स्टेशन से जाते डीई झरवड़े व पीछे आते किसान।

किसानों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

डीई के घेरा व उन्हें सब-स्टेशन से बाहर नहीं निकलने देने के दौरान किसान संगठनों ने कलेक्टर को भी गांवों में बिजली सप्लाई न होने की शिकायत की। कांग्रेस नेता अतुल चौहान भी अन्य गांवों की शिकायत लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे। इसके बाद डीई पराग झरवड़े के पास बगडुआ भी गए, जहां उनके द्वारा धरना-प्रदर्शन किया गया। घटनाक्रम के बीच खास बात यह रही कि, डीई के साथ गए जेई सहित अन्य कर्मचारी मौके से गायब हो गए, जिनके सरकारी आवासों पर भी ताले डले हुए थे।

बिजली कंपनी के डीई पराग झरवड़े को श्योपुर के बगडुआ गांव के फीडर पर किसानों ने घेर लिया और उन्हें फीडर से बाहर ही नहीं निकले दिया। किसानों की मांग थी कि वह पहले ट्रांसफार्मर बदलें, उसके बाद ही उन्हें यहां से जाने दिया जाएगा। इस पर डीई ने किसानों से वादा किया कि उनके फीडर पर ट्रांसफार्मर बदलने का काम शुक्रवार को ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ही किसानों ने उन्हें फीडर से निकलने दिया।

बगडुआ फीडर बीते 18 महीने से बंद पड़ा हुआ है, इसके चलते चिमलका, भीखापुर, सोंईकलां, बगडुआ, गुरूनावदा, ददूनी सहित अन्य गांवों की बिजली सप्लाई सोंई फीडर से की जा रही है, लेकिन लोड अधिक होने के साथ यह फीडर भी लगातार बंद हो रहा है। फॉल्ट के कारण बीते 15 दिनों से किसानों काे न तो घरों में बिजली मिल पा रही है और न ही फसल सिंचाई के लिए। जिसे लेकर किसान पूर्व में एसई सहित अन्य अधिकारियों को भी अवगत करा चुके हैं। गुरूवार-शुक्रवार की दरमियानी रात में डीई पराग झरवड़े बगडुआ फीडर पर ट्रांसफॉर्मर में ऑयल डालने पहुंचे, जिसकी जानकारी जब ग्रामीणों को लगी तो वह भी मौके पर रात में ही पहुंच गए। इस बीच तीन बार ट्रांसफार्मर में ऑयल डालकर उसे चालू करने का प्रयास डीई द्वारा किया गया, लेकिन ट्रांसफार्मर के चालू होते ही डीओ लगातार फॉल्ट हो रहे थे। रातभर में भी ट्रांसफार्मर चालू नहीं हो सका, ऐसे में शुक्रवार की सुबह 6 बजे किसानों से डीई ने कहा कि उक्त ट्रांसफार्मर ही फुंका हुआ है। जिस पर किसान भड़क गए और उन्होंने कहा कि जब ट्रांसफार्मर फुंका हुआ है तो उन्हें बेवकूफ क्यों बनाया जा रहा था। गुस्साए किसानों ने डीई झरवड़े को घेर लिया और उन्हें जाने से रोक दिया। किसानों ने उनसे मांग की कि, पहले ट्रांसफार्मर बदला जाए, इसके बाद ही वह उन्हें जाने देंगे। सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक किसानों ने पूरे 6 घंटे सब-स्टेशन से बाहर नहीं निकले दिया, जबकि मौके पर किसानों ने धरना-प्रदर्शन भी किया। इसके बाद किसानों ने डीई से वादा लिया कि, वह तभी जाएंगे, जब ट्रांसफार्मर आज ही के दिन बदला जाएगा। जिस पर डीई ने किसानों से वादा किया कि उनका ट्रांसफार्मर एक ही दिन में बदला जाकर बिजली सप्लाई शुरू की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकलने दिया।

नहीं बदला गया ट्रांसफार्मर किसान आज करेंगे चक्काजाम

डीई से किसानों ने कहा कि अगर सब-स्टेशन का ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली सप्लाई शुरू नहीं की गई तो वह चक्काजाम करेंगे। किसान व किसान संघ के उपाध्यक्ष नाथूलाल मीणा ने बताया कि डीई ने उनसे 4 बजे तक ट्रांसफार्मर बदलने का वादा किया था, लेकिन देर शाम तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। जबकि फुंके हुए ट्रांसफार्मर की जानकारी भी वरिष्ठ अफसरों से लेकर अन्य को नहीं दी। 18 महीने से डीई झूठ बोल रहे थे। अगर ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो किसानों में भारी आक्रोश है और इसे लेकर वह बगडुआ पर शिवपुरी-पाली हाईवे पर चक्काजाम करेंगे और जाम को तभी खोले जाएगा, जब बगडुआ फीडर सहित वोल्टेज समस्या को हल कर दिया जाएगा।

5 दिन और नहीं मिली बिजली तो सूख जाएगी धान

किसानों की धान की फसल में बिजली के अभाव में पानी नहीं लग पा रहा है, जिससे अब किसानों की धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। अब हालात यह है कि 5 दिनों में अगर बिजली नहीं मिली तो फसल लगभग सूख जाएगी।

ट्रांसफार्मर बदलने का आश्वासन दिया है

मुझे किसी ने भी बंधक नहीं बनाया, मैं फीडर पर ट्रांसफार्मर ठीक कराने गया था। जहां रातभर रूका और सुबह बिजली समस्या से परेशान किसान मेरे पास गए। जिन्होंने अपनी समस्या मेरे सामने रखी। जिस पर मैंने ट्रांसफार्मर बदलने का आश्वासन दिया और लौट आया। पराग झरवड़े, डीई, मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, श्योपुर

हम रातभर से डीई के साथ ही फीडर पर मौजूद थे

हम रातभर से डीई के साथ ही फीडर पर मौजूद थे, लेकिन ट्रांसफार्मर सुबह तक भी शुरू नहीं हो सका। क्योंकि वह फुंका हुआ था। डीई लगातार झूठ बोलते आ रहे थे, इससे गुस्साए किसानों ने उन्हें घेर लिया। डीई ने जब एक ही दिन में ट्रांसफार्मर बदलने का वादा किया तब ही उन्हें जाने दिया। भीम जाट, सरपंच पति व किसान, ग्राम ददूनी

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