सोयाबीन के पत्तों पर लार्वा छोड़ने वाली सफेद मक्खी सक्रिय

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बड़ौदा/मानपुर

जिले में आठ दिन से बारिश नहीं होने से मौसम खरीफ फसलों के प्रतिकूल हो गया है। बारिश की खेंच के चलते फसलों में रोग के लक्षण उभरने लगे हैं। बड़ौदा, मानपुर, सोंठवा एवं प्रेमसर के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में सोयाबीन के पत्तों पर इल्लियों का लार्वा छोड़ने वाली सफेद मक्खी सक्रिय हो गई है। जिससे क्षेत्रीय किसानों की चिंताएं बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि कृषि विभाग के अधिकारी अब तक फील्ड में फसलों के हालात का जायजा लेने तक नहीं आए हैं। कृषि उप संचालक ने रोगों की रोकथाम के लिए कृषि वैज्ञानिक दल भेजकर किसानों को बचाव के तरीके बताने की बात कही है।

खरीफ सीजन में इस बार जिले में सबसे ज्यादा 42 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन का लक्ष्य है। इसके अलावा मूंग और उड़द समेत अन्य फसलों की बोवनी हुई है। खेतों में सोयाबीन की फसल 15 दिन की हो गई है। 50 से अधिक गांवों के किसान फसलों को लेकर चिंतित हैं। ग्राम पांडोला के किसान ओमप्रकाश सुमन ने बताया बारिश थमने व मौसम खुलने के बाद से हरे पत्तों पर इल्लियों का लार्वा छोड़ने वाली सफेद मक्खी सक्रिय हो गई है। इल्लियां सोयाबीन के फूलों को चट कर रही हैं। फसलों को रोगों से बचाव संबंधी जानकारी के लिए कृषि विभाग का दल अब तक गांव की ओर नहीं आया है। आसपास के कई गांवों में समस्या है। जिले में कृषि विभाग ने 1लाख 32 हजार हेक्टेयर में बोवनी का लक्ष्य रखा है। इसमें अभी तक 65 फीसदी किसान बोवनी कर चुके है।

खेत में फसल देखकर चिंता करता किसान।

कीटनाशक छिड़काव के लिए सूचना जारी की

बारिश नहीं होने तथा तेज धूप निकलने की वजह से सोयाबीन सहित खरीफ फसलों के लिए मौसम प्रतिकूल हुआ है। लेकिन फसल में प्रकोप जैसी स्थिति नहीं बनी है। शुरुआती लक्षण उभरने की सूचना किसानों से मिली है। इल्ली, सफेद मक्खी से फसलों की सुरक्षा के लिए कीटनाशक छिड़काव संबंधी सूचना जारी कर चुके हैं। कृषि वैज्ञानिकों की टीम गांवों में भेजकर स्थिति का आकलन कराएंगे। जिन गांवों में समस्या है ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को मैदानी भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं। पी गुजरे , उप संचालक कृषि विभाग श्योपुर

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