बैतूल : एसएमएस भेजने के बाद भी 15 केंद्रों पर गेंहूं बेचने नहीं पहुँचा एक भी किसान

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बैतूल May 01, 2019

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए मुलताई और प्रभातपट्टन ब्लॉक में 22 केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं बेचने आने वाले किसानों को केंद्र पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसके इंतजाम भी किए गए हैं। इसके बाद भी किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने नहीं पहुंच रहे हैं। केंद्र से किसानों को लगातार एसएमएस भी भेजे जा रहे हैं। इसके साथ गांवों में जाकर किसानों से संपर्क भी किया जा रहा है। इन सब के बाद भी किसान गेहूं लेकर केंद्र तक नहीं पहुंच रहे हैं। मुलताई और प्रभातपट्टन ब्लॉक में किसानों का समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए 22 केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों में से 15 केंद्र ऐसे हैं जहां पर एक भी दाने गेहूं की खरीदी नहीं हो पाई है। गेहूं बेचने आने वाले किसानों के इंतजार में सुबह से केंद्र खुल जाते हैं। एसएमएस करने के साथ किसानों के मोबाइल नंबर पर कॉल कर उन्हें गेहूं बेचने आने के लिए कहा जा रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारी भी लगातार केंद्रों पर पहुंचकर जायजा ले रहे हैं। इसके बाद भी केंद्र सूने पड़े हुए है।

डहुआ के खरीदी केंद्र पर किसानों का इंतजार करते हुए समिति के लाेग।

1 माह बाद भी इन केंद्रों पर नहीं पहुंचा एक भी किसान

महतपुर, एनखेड़ा, डहुआ, बरखेड़, बघोड़ा, बिरुल बाजार, हिवरखेड़, बिसनूर, नरखेड़, तिवरखेड़, छिंदखेड़ा, धाबला, चिखलीकला, प्रभातपट्टन और मासोद के खरीदी केंद्र पर गेहूं बिकने नहीं आया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 25 मार्च से शुरू हो गई थी। एक महीने बाद भी किसान गेहूं बेचने नहीं आए है। पिछले साल इन केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को इंतजार करना पड़ रहा था।

केंद्रों पर गेहूं नहीं आने के यह कारण आ रहे सामने

किसानों का कहना है इस साल बारिश कम होने और डेम से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से गेहूं की बोवनी कम क्षेत्र में हुई थी। जिन किसानों ने गेहूं की बोवनी की थी उनका यहां भी उत्पादन कम हुआ है। पानी की कमी से गेहूं का दाना बारिक भी हो गया है। कुछ किसान खुले बाजार में गेहूं बेच रहे हैं। जिससे केंद्र तक पहुंचने में आने वाला खर्च बच रहा है।

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