गेहूं का रकबा 80 हजार हेक्टेयर बढ़ेगा, बीज 40 हजार क्विंटल कम, मुश्किल बढ़ी

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बैतूल Nov 15, 2019

इस साल अच्छी बारिश के कारण जिले के सभी 157 बांधाें में भरपूर पानी स्टोरेज हाेने का असर यह हुअा कि जिले में गेहूं बाेवनी का रकबा 80 हजार हेक्टेयर बढ़ेगा। लेकिन बड़ी समस्या यह है कि सभी स्राेताें से बीज एकत्र करने के बावजूद भी कृषि विभाग कुल 36500 क्विंटल बिज ही उपलब्ध करा पाया है। जिले में 40 हजार क्विंटल बीज की कमी है। इसका लाभ उठाते हुए खाद- बीज विक्रेताअाें ने गेहूं के रेट 3500 से 4000 रुपए क्विंटल कर दिए हैं। पिछले साल यही लोकवन वैरायटी का बीज 2500 से 3000 रुपए क्विंटल बिका था।

पिछले साल डैमों में पानी नहीं हाेने के कारण जिले के किसानों ने गेहूं की जगह चने की बाेवनी अधिक की थी। गेहूं 1 लाख हेक्टेयर में बाेया था। इस साल यह रकबा बढ़कर 1 लाख 80 हजार हेक्टेयर पहुंच जाएगा। इसे देखते हुए कृषि विभाग अब बाेवनी के ठीक पहले बीज का इंतजाम करने में जुटा है। वह पड़ोसी जिलों से गेहूं का बीज बुलवाने की तैयारी भी कर रहा है।

बैतूल। डैम लबालब होने से इस बार ज्यादा मिलेगा पानी।

पिछले साल 1 लाख हेक्टेयर में हुई थी गेहूं की बाेवनी

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल 1 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बाेवनी हुई थी। इस साल 1 लाख 80 हजार हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की बाेवनी की जाएगी। इस तरह 80 हजार हेक्टेयर रकबा बढ़ेगा।

होशंगाबाद और हरदा से बुलाया जाएगा गेहूं बीज

80 हजार हेक्टेयर का रकबा इस साल बढ़ने से 40 हजार क्विंटल अतिरिक्त बीज बाेवनी के लिए किसानों को लगेगा। इसकी पूर्ति के लिए कृषि विभाग पड़ाेसी जिलों हरदा, होशंगाबाद और छिंदवाड़ा से बीज बुलवाने की तैयारी कर रहा है। गेहूं बाेवनी शुरू हो चुकी है।

इस साल 293 अरब ली. पानी सिंचाई के लिए है उपलब्ध

जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने पिछले साल पानी कम होने से गेहूं की जगह चने की बाेवनी करने पर जोर दिया था। चने की बाेवनी 46 हजार हेक्टेयर में हुई थी। गेहूं केवल 1 लाख हेक्टेयर पर ही बोया गया था। इस साल 157 बांधों में 293 अरब लीटर पानी स्टोर है इस कारण 80 हजार हेक्टेयर रकबा बढ़ा दिया है।

40 क्विंटल बीज अाैर लगेगा, जल्द जुटाएंगे


जिले में 1311 मीट्रिक टन यूरिया पहुंचा, 9 हजार मीट्रिक टन की मांग

जिले में रबी सीजन के लिए गुरुवार काे काेराे मंडल कंपनी की 1311 मीट्रिक टन यूरिया की हाफ रैक बैतूल पहुंच गई है। जिला विपणन अधिकारी कल्याण सिंह ठाकुर ने बताया इसमें 925 मीट्रिक टन सहकारिता क्षेत्र एवं 386 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र के माध्यम से वितरित की जाएगी। उन्होंने बताया जिले के लिए 15 दिसंबर तक के लिए 9 हजार मीट्रिक टन यूरिया की मांग शासन/ मार्कफेड से की है। जिले में पर्याप्त मात्रा में डीएपी एवं पोटाश उपलब्ध है।

कहां कितने है बीज

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