सिंचाई के लिए गूलों की नहीं की खुदाई, किसान परेशान

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दौनियापुरा Nov 29, 2018

हीरापुरा हेड पर बने सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में अधिकारियों व कर्मचारियों के नहीं मिलने से किसानों की समस्याएं बढ़ रही हैं। मालूम हो कि टू-एल और थ्री-एल नहर में खेती के लिए पानी चल रहा है। किसानों को नहर से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की है। देखा गया है कि ग्रामीण इलाकों में नहर से पानी तो छोड़ा गया है, लेकिन खेतों तक पानी पहुंचाने गूलों की खुदाई नहीं की गई है। इससे किसान खुद ही मशक्कत कर श्रम कार्य करने को मजबूर हैं। हालांकि इसकी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की बनती है, मगर रेस्ट हाउस पर स्टाफ की बजाय एक चौकीदार मौजूद रहता है जो उसकी देखभाल करता है।

किसानों को नहीं मिलती सुविधाएं

किसानों को सिंचाई विभाग की सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। किसान दीवान सिंह नरवरिया ने बताया नहर में हर साल पानी आता है। लेकिन खेतों तक पानी ले जाने के लिए घंटों गूलें खोदकर काम करना पड़ता है। बता दें कि किसानों को सिंचाई की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए नहरों से खेतों तक गूलें खुदवाने का निर्णय लिया गया था। जिले के एकाध क्षेत्रों में यह कार्य पूरा हो सका है, जबकि ज्यादातर गांवों में किसान नहरों से खेतों तक पानी ले जाने के लिए खुद ही कार्य करते हैं। इससे किसानों में विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त हो रहा है।

जर्जर हाे रहा भवन

सिंचाई विभाग का रेस्ट हाउस वर्षों पहले बनाया गया था। जिसमें दो कमरों के साथ एक हॉल बनाया गया है। रेस्ट हाउस में सिंचाई विभाग के अधिकारियों व स्टाफ के रुकने की समुचित व्यवस्था की गई थी। मगर यहां अधिकारी नहीं ठहरते हैं। इसके अलावा भवन में शौचालय और बिजली की सुविधा नहीं है। भवन की स्थिति भी जर्जर हालत में है। चौकीदार मुन्ना वाल्मीकि यहां साफ-सफाई का कार्य करते हैं। बावजूद नहर चलने के दौरान भी कोई कर्मचारी यहां मौजूद नहीं रहता है। किसानों को शिकायत के लिए गोरमी मुख्यालय जाना पड़ता है। मगर वहां भी ज्यादातर अधिकारी नदारद रहते हैं। इस स्थिति में किसानों को शिकायत के लिए भटकना पड़ता है।

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