38 गांवों में फसल नुकसानी का लगभग पूरा हुआ सर्वे, करीब 550 किसान हुए प्रभावित

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नेपानगर Nov 19, 2019

अंबाड़ा क्षेत्र में रबी की फसल के लिए किसान खेत तैयार कर रहे हैं। इसके लिए खेत में टिलर चलाने सहित अन्य काम कर रहे हैं। इस कारण खेतों में चहल-पहल बढ़ गई है। अक्टूबर-नवंबर में खेतों में गेहूं की बोवनी होती है लेकिन इस बार अधिक बारिश के कारण बोवनी में देरी हुई है। किसान प्रमोद पाटील ने बताया गेहूं, चना, मक्का और तरबूज सहित अन्य फसल लगाने के लिए किसान खेत तैयार करने में जुटे हैं। इस बार गेहूं और चना फसल का रकबा बढ़ने की उम्मीद है। इस साल बारिश अधिक हुई है। इस कारण नदी-तालाबों में भी भरपूर पानी है। इसलिए किसानों को रबी सीजन में अच्छी फसल की उम्मीद बंधी है। वे बोवनी के लिए खेत तैयार कर रहे हैं। किसानों का कहना है इस साल अधिक बारिश होने के कारण ठंड भी ज्यादा रहेगी। गेहूं की फसल के लिए ठंड काफी कारगर होती है।

350 हेक्टेयर से ज्यादा रकबा हुआ प्रभावित

राजस्व विभाग के अनुसार इस साल सोयाबीन, ज्वार और मक्का फसलों का करीब 350 हेक्टेयर से अधिक रकबा प्रभावित हुआ है। इसका हाल ही में आंकलन किया गया है। नुकसानी का सर्वे तो पूरा हाे चुका है लेकिन दो-चार प्रकरण अब भी सामने आ रहे हैं। उन्हें सूची में जोड़ा जा रहा है। सोयाबीन उत्पादक 390, ज्वार उत्पादक 150 और मक्का उत्पादक करीब 10 किसानों के खेतों में नुकसान हुआ है।

नुकसान का किया है आंकलन


नुकसान अधिक हुआ, आकलन कुछ और

सर्वे में कम नुकसान होना बताया जा रहा है, इससे उलट किसान अधिक नुकसान होना बता रहे हैं। नेपानगर मंडल के 38 गांवों में ही अधिक नुकसान की बात कही जा रही है लेकिन किसानों का कहना है यह आंकड़ा आैर बढ़ेगा। किसानों ने बताया सर्वे के लिए कई खेतों तक पटवारी, नाकेदार और फाॅरेस्ट गार्ड पहुंचे ही नहीं। यही कारण है कि तहसील में अब भी एक-दो प्रकरण रोज आ रहे हैं।

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