छतरपुर : दिनभर बादल छाए रहे; शाम को हुई बारिश, परिवहन न होने से खरीदी केंद्रों पर खुले में पड़ा गेहूं, भीगने के बने आसार

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छतरपुर May 04, 2019

मौसम विभाग ने फैनी चक्रवात की चेतावनी देकर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई थी, बावजूद इसके समर्थन मूल्य के खरीदी केंद्रों पर रखा हजारों क्विंटल गेहूं शुक्रवार को हुई बूंदाबांदी में गीला हो गया। कई खरीदी केंद्राें पर इस उपज को ढ़कने के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। पिछले दिनों अचानक मौसम में आए बदलाव के बाद हल्की बारिश से कई सोसायटियों पर हजारों क्विंटल गीला हो गया था। बावजूद इसके प्रशासन का अब भी लापरवाही भरा रवैया अपनाएं हुए हैं। बंगाल की खाड़ी में उठे फैनी तूफान का असर बुंदेलखंड के अंचल में दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को दिन के अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। जिसके चलते तापमान 41 डिग्री दर्ज किया गया। गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री था। वहीं शाम को हवा के साथ हुई हल्की बूंदाबांदी ने सोसायटी प्रबंधकों और किसानों की परेशानियां बढ़ा दी है।

शुक्रवार को दिन भर अासमान में काले बादल छाए रहे। जिससे उमस की स्थिति बन गई। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो फैनी तूफान के कारण अंचल में आने वाले 24 घंटे में 15 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। जिले में अब 21 हजार 204 किसानों से 1 अरब 55 करोड़ 24 लाख की खरीदी हो चुकी है। जिसमें से केवल 14 हजार 548 किसानों को करीब 88 करोड़ 64 लाख का भुगतान हो पाया है। ऐसे में करीब 7 हजार किसानों का 67 करोड़ रुपए का भुगतान अटका है।

मंडी में खुले में पड़ा गेहूं

अब तक डेढ़ अरब से अधिक की हो चुकी है खरीदी, 67 करोड़ रुपए का भुगतान बाकी

21 हजार किसानों ने 8 लाख क्विं. की हुई खरीदी

खरीदी केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया गेहूं सबसे अधिक मजना, मवई, टीकमगढ़, बड़ागांव धसान के खरीदी केंद्रों पर खुले में पड़ा हुआ है। इस साल अब तक 21,204 किसानों से 8 लाख 43 हजार 531 क्विंटल गेहूं की अब तक खरीदी हो चुकी है। इन किसानों से करीब 1 अरब 55 करोड़ 24 लाख की खरीदी की गई है। जिनमें से अब तक करीब 14 हजार 548 किसानों के ही खाते में राशि पहुंची है। सहकारी बैंक के महाप्रबंधक एएस कुशवाहा ने बताया कि तीन से चार दिन में किसानों के खाते में राशि ट्रांसफर की जा रही है। उन्होंने बताया कि करीब 1 अरब 37 करोड़ रुपए के भुगतान पर समिति प्रबंधकों के हस्ताक्षर हो चुके हैं। जल्द से जल्द किसानों के खाते में राशि पहुंचेगी।

टीकमगढ़ की गोदामों में किया जा रहा भंडारण

नागरिक आपूर्ति निगम के डीएम एसडी बिरहा का कहना है कि जिले में किसानों से हुई खरीदी का 74 फीसदी परिवहन हो चुका है, लेकिन जानकारों का कहना है कि सोसायटी पर रखे रेडी टू ट्रांसपोर्ट माल को जोड़कर विभाग बता रहा है कि 74 फीसदी माल का परिवहन हो चुका है। ऐसे स्थिति में तो अब तक करीब 90 फीसदी माल का परिवहन होना था, लेकिन कछुआ गति की चाल से हो रहे परिवहन के चलते किसानों को समय पर राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। खुले में रखे माल का परिवहन न होने पर अगर बारिश आती है तो सोसायटी के साथ किसानों का माल भी भीगेगा।

टीकमगढ़ की गोदामों में किया जा रहा भंडारण

नागरिक आपूर्ति निगम के डीएम एसडी बिरहा का कहना है कि जिले में किसानों से हुई खरीदी का 74 फीसदी परिवहन हो चुका है, लेकिन जानकारों का कहना है कि सोसायटी पर रखे रेडी टू ट्रांसपोर्ट माल को जोड़कर विभाग बता रहा है कि 74 फीसदी माल का परिवहन हो चुका है। ऐसे स्थिति में तो अब तक करीब 90 फीसदी माल का परिवहन होना था, लेकिन कछुआ गति की चाल से हो रहे परिवहन के चलते किसानों को समय पर राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। खुले में रखे माल का परिवहन न होने पर अगर बारिश आती है तो सोसायटी के साथ किसानों का माल भी भीगेगा।

मौसम विभाग ने सलाह

किसानों और भंडार गृहों को देख रहे लोगों से कहा –

1. किसान अपनी फसल को नमी से बचाएं।

2. कटी फसल, खुले में रखे अनाज और खेतों में तैयार खड़ी फसलों को काट कर सुरक्षित कर लें।

3. फसलों को जो खुले में हैं उन्हें सुरक्षित करने के इंतजाम करें।

रात में हुई बारिश

टीकमगढ़। पिछले तीन दिनों में तापमान ने लगातार उछाल मारकर लोगों को बेचैन कर दिया था। शुक्रवार को दिन में उमस, शाम को चक्रवार्ती हवाओं का दौर चलता रहा। इसके बाद रात में जोरदार अचानक बारिश हो गई। बारिश होते ही लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं तापमान में भी गिरावट आई।

किसान बाेले-खरीदी केंद्रों पर किया जा रहा है परेशान

खरीदी केंद्र पर आए मवई के किसान विनोद जैन ने बताया कि किसानों को माल बेचने के लिए तीन से चार दिन लग रहे हैं। वहीं शुक्रवार को हुई रिमझिम बारिश से सोसायटी के प्रबंधकों ने अपना माल त्रिपाल ढंककर बचा लिया, लेकिन किसान अपना गेहूं भीगने से बचाने के लिए परेशान होते रहे। वहीं धजरई के रूप सिंह आैर श्रीनग के उदय गिरि के अनुसार किसानों के माल का परिवहन न होने से समय पर राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि अब भी कई ऐसे केंद्र हैं जहां खुले में उपज रखी है। यदि इस उपज को जल्दी नहीं उठाया गया तो अाने वाले दिनों में नुकसान हो सकता है।

किसान बाेले-खरीदी केंद्रों पर किया जा रहा है परेशान

खरीदी केंद्र पर आए मवई के किसान विनोद जैन ने बताया कि किसानों को माल बेचने के लिए तीन से चार दिन लग रहे हैं। वहीं शुक्रवार को हुई रिमझिम बारिश से सोसायटी के प्रबंधकों ने अपना माल त्रिपाल ढंककर बचा लिया, लेकिन किसान अपना गेहूं भीगने से बचाने के लिए परेशान होते रहे। वहीं धजरई के रूप सिंह आैर श्रीनग के उदय गिरि के अनुसार किसानों के माल का परिवहन न होने से समय पर राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि अब भी कई ऐसे केंद्र हैं जहां खुले में उपज रखी है। यदि इस उपज को जल्दी नहीं उठाया गया तो अाने वाले दिनों में नुकसान हो सकता है।

तापमान में आएगी गिरावट

मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को 15 से 20 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चली और साथ में हुई बारिश ने शहर के लोगों को उमस से राहत दिलाई। बारिश के कारण रात के न्यूनतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। मौसम विभाग के नोडल अधिकारी एके श्रीवास्तव ने बताया कि आने वाले वाले 24 घंटे में भी हवाओं के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश देखने को मिलेगी। वहीं तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।

टीकमगढ़। समितियाें पर माल बेचने आए किसान बारिश से अपना माल बचाते हुए।

मतदान दिवस 6 मई को

समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना, मसूर, सरसों का नहीं होगा उपार्जन

टीकमगढ़। जिले में रबी विपणन 2019-20 में समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना, मसूर, सरसों के उपार्जन का कार्य प्रचलन में है, जिसकी अवधि 30 मई तक निर्धारित है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया है कि लोकसभा निर्वाचन 2019 के मतदान दिवस को शासन द्वारा उपार्जन कार्य नहीं करने के निर्देश है। उन्होंने बताया जिले में 6 मई को लोकसभा निर्वाचन में मतदान में सभी मतदाताओं को भाग लेने के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना, मसूर, सरसों के उपार्जन का कार्य नहीं किया जाएगा।

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