किसानों को एक महीने से उड़द-मूंग बेचने का इंतजार पर खरीदी बंद

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दमोह Nov 22, 2018

किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। सोसायटियों में अब तक उड़द व मूंग की खरीदी शुरू नहीं होने से किसान परेशान हैं, लेकिन इस ओर अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि प्रदेश भर की सोसायटियों में 20 अक्टूबर से उड़द व मूंग की भावांतर योजना के तहत खरीदी शुरू हो गई है, लेकिन दमोह जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण अब तक खरीदी शुरू नहीं हुई है।

हटा कृषि उपज मंडी में लुहारी सेवा सहकारी समिति के माध्यम से खरीदी शुरू की जानी थी, लेकिन अब तक यहां पर खरीदी का कोई पता नहीं है। स्थिति यह है कि रोजाना दर्जनों किसान ट्रेक्टर ट्रालियों में अपनी उपज लेकर आते हैं, लेकिन किसानों को पता चलता है कि अभी तक खरीदी शुरू नहीं हुई तो वह मंडी में ही व्यापारियों को आने-पोने दामों पर अपनी उपज बेचकर चले जाते है। किसान उजयार पटेल, दीपराज पटेल ने बताया कि हटा क्षेत्र के किसानों ने शासन की भावांतर योजना के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया था। लेकिन खरीदी के एक माह बाद भी किसान मैसेज आने का इंतजार रहे हैं।

राजा बंदी किसान डीपी पटेल ने बताया कि उन्हें उन्हें मैसेज आया था कि 18 क्विंटल को उड़द लुहारी सेवा सहकारी में 11 बजे से खरीदी होगी। जब वह लुहारी सेवा सहकारी समिति गए तो वहां 12 बजे तक समिति में ताला पड़ा था। इसके बाद चौकीदार राजू रैकवार आया। उसने बताया कि खरीदी केंद्र कृषि उपज मंडी हटा में बना है। जब हटा मंडी ट्रैक्टर लेकर आए तो 1 बजे वहां भी ताला पड़ा था। एक सप्ताह पहले कलेक्टर जे विजय कुमार ने जिले के समस्त कृषि मंडी एवं सहकारी बैंक अधिकारियों की बैठक लेकर तत्काल ही खरीदी का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक हटा क्षेत्र की सोसायटियों में खरीदी न होने से किसान आक्रोशित हैं। किसानों बोले अधिकारी चुनाव कार्य में व्यस्त होने का हवाला देकर किसानों की अनदेखी कर रहे हैं।

हटा सोसायटियों में अब तक उड़द-मूंग की खरीदी शुरू नहीं हो सकी है।

समिति प्रबंधक बरत रहे लापरवाही

हिनोताकलां के किसान राजेंद्र पटेल, आसाराम, दीनदयाल, हुकुम सिंह, कलुआकला के दिनेश खटीक, मझगुंवा पतोल के सीताराम, तातू यादव, मेवाराम मिश्रा, रामचरण मिश्रा ने बताया कि सुबह से उड़द लेकर खड़े हुए हैं। लेकिन हमारी फसल को खरीदने वाला दिखाई नहीं दे रहा। इस संबंध में जूनियर समिति प्रबंधक माधव पटेरिया से बात की तो उन्होंने बताया कि अभी मैं रास्ते में हूं। अभी कुछ नहीं कह सकता। वहीं सर्वेयर कृष्णकांत का कहना है नियमों के मापदंड के अनुसार नहीं होने के कारण 60 प्रतिशत किसानों का माल गुणवत्ताहीन निकल रहा है। जिससे माल खरीद नहीं पा रहे हैं।

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