उप मंडी में खरीदी शुरू नहीं होने से किसानों को उपज बेचने 34 किमी दूर धार और 51 किमी दूर बदनावर जाना पड़ता है

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धार Nov 07, 2019

केसूर में करोड़ों रुपए की लागत से किसानों के लिए बनाई उप मंडी 20 साल बाद भी किसानों के काम नहीं आ रही। यहां उपज की नीलामी का काम तक शुरू नहीं हुआ। हालांकि एक दो बार अधिकारियों ने पहल जरूर की थी। मगर वह पहल एक-दो हफ्ते में ही दम तोड़ गई। ऐसे में किसानों को उपज 34 किमी दूर धार मंडी, 51 किमी दूर बदनावर मंडी और 60 किमी दूर इंदौर मंडी ले जाना पड़ती है। इससे अतिरिक्त खर्च बढ़ता है। कई किसानों को तो बाजार में ही पल्ली व्यापारियों को औने पौने दाम पर उपज बेचना पड़ती। क्योंकि वे धार तक उपज ले जाने में असमर्थ रहते हैं। किसानों व व्यापारियों ने स्थानीय मंडी में ही खरीदी बिक्री शुरू करने की मांग की है।

केसूर के किसान मांगूसिंह सोनगरा ने बताया मंडी शुरू नहीं होने से बड़ी परेशानी आ रही है। औने पौने दामों में केसूर में ही व्यापारियों को उपज बेचना पड़ती है। धार व बदनावर की दूरी ज्यादा होने से भाड़ा भी अधिक लगता है। केसूर के आसपास करीब 50 गांव इस मंडी से जुड़े हुए हैं। मगर मंडी अब तक शुरू नहीं हो पाई है। यह समय किसानों के लिए उपज बेचने का होकर अगली फसल की तैयारी करने का है। ऐसे में किसानों को तत्काल राशि की जरूरत होती है। बाजार में ही उपज बेचना मजबूरी हो गया। किसानों ने बताया एक ओर सरकार किसान हित की बात करती रहती है। वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर हालात यह है कि किसानों के हित के लिए बनाई गई यह मंडी 20 साल बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। मंडी में ऑफिस से लेकर शेड आदि भी बने हैं। चारों तरफ बाउंड्रीवाॅल भी है। कर्मचारी भी कार्यरत है। मगर नीलामी की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।

केसूर. किसानों के बिना विरान नजर आती है केसूर उप मंडी।

मंडी शुरू होने से टैक्स चोरी होने की आशंका भी खत्म हो जाएगी

केसूर में यदि मंडी शुरू हो जाती है तो किसानों को उपज के उचित दाम मिल पाएंगे। वहीं किसानों के आवागमन शुरू होने से यहां का व्यापार व्यवसाय भी बढ़ेगा। टैक्स चोरी होने की आशंका भी खत्म हो जाएगी। केसूर क्षेत्र में महज 8 व्यापारियों के पास ही लाइसेंस है। लंबे समय बाद भी यहां पर ना तो व्यापारी बढ़ पाए हैं और ना ही मंडी के शुरू करने के पुख्ता प्रयास किए गए। व्यापारी अशोक चौधरी ने बताया मंडी बनाई है तो नीलामी शुरू करना चाहिए ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके।

15 दिन के अंदर कुछ करते हैं

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