मसालावर्गीय फसलों के उत्पादन की संभावना, क्योंकि इस श्रेणी में नई किस्म खोजी जा चुकी है

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धार Dec 10, 2019

एकीकृत बागबानी मिशन के तहत तकनीकी हस्तांतरण सह कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को हुआ। अतिथि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संतोष वर्मा, कृषि कॉलेज इंदौर के प्राध्यापक डाॅ. एमएम पटेल थे। अतिथियाें ने मसालावर्गीय फसलों पर जोर देते हुए कहा जिले में मसालावर्गीय फसलों के उत्पादन की ज्यादा संभावना है। क्योंकि मसालावर्गीय फसल श्रेणी में नई किस्म खोजी जा चुकी है जिन्हें हमारे जिले की जलवायु में भी उत्पादित किया जा सकता है। अतिथि यह भी बोले- कृषकों की आय में वृद्धि करने के लिए हमें कम लागत वाली व बहुफसलीय प्रणाली की जरुरत है। अध्यक्षता करते हुए राजमाता सिंधिया कृषि विवि ग्वालियर के डाॅ. एसएन उपाध्याय ने कहा हमें ऐसी तकनीक अपनाने की जरुरत है। जिसमें लागत कम लगे और ज्यादा आय हो। साथ ही खेती व पर्यावरण शुुद्ध रहे। उन्होंने अतिथियों की बातों को बल देते हुए किसानों से मसाला फसलों को शामिल करने का अनुरोध किया। कृषि कॉलेज इंदौर के प्राध्यापक डॉ. एन.के. गुप्ता ने समन्वित कृषि प्रणाली अपनाने पर जोर दिया। जिसमें कृषि के साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन व मशरूम पालन है। स्वागत भाषण केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक व प्रमुख डाॅ. केएस किराड ने दिया। डॉ. एसएस चौहान, उद्यानिकी उपसंचालक डॉ. केएस मंडलोई ने भी कृषि और शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में गौरव सारस्वत, भूपेंद्रकुमार कुर्मी, जितेंद्र नायक मौजूद थे। संचालन डाॅ. गूंजा वास्केल ने किया। आभार डाॅ. जेएस राजपूत ने माना।

धार. किसानों को कृषि संबंधी जानकारी देते अतिथि।

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