12 गांवों के किसानों ने गंजाल-मोरंड परियोजना का किया विरोध

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12 गांवों के किसानों ने गंजाल-मोरंड परियोजना का किया विरोध

टिमरनी Dec 21,2019

शहर के रैन बसेरा भवन में बुधवार को 12 आदिवासी गांवों के किसान जुटे। सभी ने गंजाल मोरण्ड संयुक्त सिंचाई परियोजना निरस्त कराने की मांग की। ग्रामीणों ने एक रैली निकाली। नारेबाजी करते हुए एसडीएम अंकिता त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बताया कि इस सिंचाई योजना के माध्यम से जवारदा नदी पर बनने वाले डैम के कारण अनेक आदिवासी गांव डूब में आ जाएंगे। इनमें बोथी, महूखाल, कायरी, डोमरा, महागांव, राजाबरारी, रातामाटी, बुद्धूढाना, ऊंचाबरारी, बोरी, मरापाडोल, दातरीढाना, सालई, मुंडाभुरू, टेमरूबहार, गुलरढाना, कुमरूम, बांसपानी, चांदियापुरा, चंद्रखाल, केली, रवांग, कायदा आदि शामिल हैं। इन गांवों में बैतूल और हरदा जिले के गांव शामिल हैं।

सालों से पट्‌टे पर खेती कर रहे किसान : उइके-इस दौरान गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के होशंगाबाद जिलाध्यक्ष राजेश उइके ने एसडीएम से कहा कि जवारदा नदी पर बनने वाले डैम के कारण सालों से कृषि पट्‌टों पर खेती करने वाले आदिवासी किसानों के सामने परिवार को पालने की समस्या खड़ी हो जाएगी। उन्हें काफी नुकसान होगा। इसके साथ ही अनेक पेड़, पौधों भी डैम बनने के कारण नष्ट हो जाएगी। यदि वनग्रामों को प्रदेश सरकार विस्थापित करती है तो केवल पुनर्वास के आधार पर विस्थापित किया जाए। अन्यथा किसी भी कीमत में एक भी व्यक्ति इन गांवों से विस्थापित नहीं होंगे। दस दिनों के अंदर हमारे आवेदन पर कार्रवाई नहीं होती है तो हम आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का वहिष्कार करेंगे। सभी ने यह योजना को निरस्त करने की मांग की। इस दौरान देवी सिंह परते, विनोद, भागीरथ इवने, सुंदरलाल मवासे, सरदार देवड़ा, प्रेम, गोरेलाल, पंकज बट्टी सहित अनेक आदिवासी मौजूद रहे।

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