भावांतर में जिले के 5239 किसानों ने बेचा 1 लाख 17 हजार क्विंटल सोयाबीन

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होशंगाबाद| Nov 05, 2018

कृषि उपज मंडियों में किसानों से फ्लैट भावांतर योजना के तहत उपज खरीदी तो शुरू हो गई है, लेकिन उन्हें इसका लाभ अगले साल खरीदी समाप्त होने के बाद ही मिलेगा। इसे लेकर सरकार की ओर से जारी हो रहे नित नए आदेश किसानों के बीच भ्रम फैला रहे हैं। हालांकि वे इसकी परवाह किए बगैर इस उम्मीद में उपज बेच रहे हैं कि कुछ लाभ तो होगा।

समर्थन मूल्य पर खरीदी का ठिकाना भी नहीं

समर्थन मूल्य पर उड़द और मूंग की खरीदी अब तक शुरू नहीं हो सकी है। जिले में इसके लिए 17 केंद्र बनाए गए हैं। खरीदी के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण के लिए क्वालिटी कंट्रोलर आएंगे। प्रशासन ने खरीदी के लिए सहकारी समितियां तय कर ली हैं, लेकिन इनका एग्रीमेंट नहीं से खरीदी शुरू नहीं हो पा रही है। किसान खरीदी शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। किसान इस उम्मीद के साथ अपनी फसल लेकर कृषि उपज मंडी पहुंच रहे हैं कि उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। लेकिन उन्हें योजना का कितना मिलेगा इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कृषि विभाग की ओर से जारी आदेश में यह राशि 500 रुपए प्रति क्विंटल तक बताई जा रही है। पर जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक विनोद चौहान कोई भी जानकारी नहीं दे पाए।

नई सरकार के गठन के बाद मिलेगी राशि

मंडी बोर्ड द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार योजना के तहत किसानों को मिलने वाली राशि इसकी समाप्ति के बाद मिलेगी। यानि अगले साल जनवरी में किसानों को इसका लाभ मिलेगा। प्रदेश में चुनाव के चलते आचार संहिता लागू होने को इसका कारण बताया गया है।

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