मेमदी बना फ्लॉवर विलेज; 120 किसान 65 हेक्टेयर में उगा रहे हैं 2.60 करोड़ के 10 हजार क्विंटल गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा फूल

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इंदौर Oct 29, 2019

कजलीगढ़ किले के लिए प्रसिद्ध महू तहसील का मेमदी गांव अब जिले के फूलों के गांव (फ्लॉवर विलेज) के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है। यहां के 120 किसान हर साल 10 हजार क्विंटल से अधिक फूलों की खेती कर रहे हैं। इससे किसानों को 2 करोड़ 60 लाख रुपए की आय हो रही है। इंदौर से 20 किमी दूर इस गांव में प्रवेश करते ही चारों ओर गेंदा, सेवंती, ग्लेडियोलस फूल दिखने लगते हैं। वहीं अब दिवाली के बाद किसान गेंदा, सेवंती के साथ ही रबी के मौसम में होने वाले रजनीगंधा, एस्टर, नवरंगा आदि फूलों की भी खेती की तैयारी में जुट गए हैं।

जिला पंचायत सीईओ नेहा मीणा ने बताया कि कुछ समय पहले यहां 55 किसान केवल 25 हेक्टेयर जमीन पर फूलों की खेती कर रहे थे, लेकिन कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए फूलों की खेती की योजना बनाई। उद्यान विभागीय अधिकारियों के साथ किसानों को ट्रेनिंग दिलाई गई, जिसके बाद 120 किसानों ने 65 हेक्टेयर में फूलों की खेती, वहीं किसानों द्वारा कुल 262 हेक्टेयर में उद्यानिकी से जुड़ी फसलें ली जा रही हैं, जिसमें मुनाफा अधिक है।

इस तरह कमा रहे 60 हजार रु.
कुल 1800 की आबादी वाले इस गांव में 332 हेक्टेयर खेती की जमीन है। फूलों की खेती में प्रति हेक्टेयर 25 से 30 हजार रुपए का खर्च होता है। इससे करीब 160 क्विंटल फूल प्रति हेक्टेयर उपज होती है, जो मंडी में 2500 रुपए प्रति क्विंटल में बिकते हैं। यानी 65 हेक्टेयर में 2 करोड़ 60 लाख के फूल उगते हैं। इससे किसानों को प्रति हेक्टेयर फूलों की खेती से 80 से 90 हजार रुपए मिल जाते हैं। यानी लागत काटने के बाद करीब 60 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की आय होती है।

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