इंदौर : मंडी में किसान से 5 रु. किलो में खरीदी भिंडी, 150 मीटर दूर ग्राहक को 8 गुना दाम पर बेची

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इंदौर May 01, 2019

 गर्मी बढ़ने के बावजूद सब्जियों की कीमतें चार दिन में कई गुना कम हो गई हैं। इससे किसानों को तो नुकसान हो रहा है लेकिन फायदा आम लोगों को भी नहीं हो रहा है। बिचौलिए खेरची व्यापारी आठ गुना तक मुनाफा कमा रहे हैं। मंडी में 5 से 15 रुपए किलो मिलने वाली भिंडी बाजार में 35-40 रुपए किलो बेची जा रही है। ऐसे ही टेंसी, पालक, गवारफली, गिलकी, लौकी और करेला के दामों में भी 60 प्रतिशत तक कमी आ चुकी है। सब्जियां कैसे आम आदमी तक आते-आते महंगी होती गईं, भास्कर बता रहा है इसकी पूरी लाइव रिपोर्ट।

भाव इतने कम हैं कि किसानों का किराया भी नहीं निकल रहा : मंडी पहुंचने वाले किसानों ने बताया भिंडी की 20 किलो की थैली 100 से 120 रुपए में पिछले पांच दिनों से दे रहे हैं। इससे पहले 800 रुपए तक एक थैली का रेट रहा। भाव बढ़ने पर खूब हल्ला होता है और व्यापारी जोर-शोर से इसका प्रचार-प्रसार करते हैं। अब भाव कम हैं और हमारा किराया भी नहीं निकल रहा है लेकिन व्यापारी खामोश हैं और बढ़े दाम पर ही सब्जियां लोगों को बेच रहे हैं।

  चोइथराम सब्जी मंडी के दो दृश्य और 150 मीटर दूर

सुबह 3.30 बजे सब्जी के 100 से ज्यादा ट्रक पहुंचे : इंदौर, राऊ, बिजलपुर, कंपेल, पिपल्दा, सांवेर, देपालपुर, गांधी नगर और निमाड़ के किसानों की गाड़ियां मंडी में आना शुरू हो गईं। आम तौर पर मंडी में 40-50 ट्रक और मिनी ट्रक सब्जियां लेकर आते थे लेकिन चार दिनों से इनकी संख्या दोगुनी होकर 100 का आंकड़ा पार कर रही हैं। दिल्ली, गुजरात, राजस्थान जाने वाली सारी सब्जियां गर्मी में खराब हो रही हैं, इसलिए किसानों ने मंडी का रुख कर लिया है।

सुबह 7.30 बजे 5 से 15 रुपए प्रति किलो में बेची भिंडी : पूरी मंडी खचाखच भरी है। पैर रखने की भी जगह नहीं। थोक व्यापारियों के सामने सब्जियों की बड़ी-बड़ी 20-20 किलो की थैलियां रखी हैं। भिंडी का भाव पूछा तो क्वालिटी के हिसाब से किसी ने 5 रुपए किलो बताया तो किसी ने 15 रुपए तक का दावा किया। पालक 5 रुपए, लौकी 3 रुपए तो पत्ता गोभी 5 रुपए प्रति किलो सहित सभी सब्जियां 30 रुपए किलो के अंदर ही मिल रही थीं।

सुबह 8.30 बजे स्पेशल बता 40 रु. किलो बेची भिंडी : 5 रुपए किलो की भिंडी 40 रुपए तो बाकी सब्जियों के दाम में भी 8 गुना तक बढ़ोतरी हो गई। दुकानदार संजय से जब इसका कारण पूछा कि अंदर तो भिंडी 5 रुपए किलो में मिल रही है, आपके रेट इतने ज्यादा कैसे हो गए। दुकानदार बोला यह स्पेशल क्वालिटी वाली भिंडी है। अब सवाल यह कि 150 मीटर में ऐसी क्या क्वालिटी आ गई कि दाम इतने बढ़ गए।

बाजार तक आने में 10 प्रतिशत ही बढ़ती है कीमत, बाकी मुनाफा रू किसान विकास पाटीदार, सुनील, तुलसीराम और अन्य ने भास्कर को बताया वे ट्रकों से सब्जियां मंडी तक लाते हैं। पहले दिल्ली, गुजरात, राजस्थान माल भेजते थे लेकिन गर्मी के कारण अब इंदौर ही ला पा रहे हैं। उन्हें 20 किलो सब्जी की एक थैली लाने पर 5 रुपए हम्माली व तुलाई देना पड़ती है। इसके बाद आढ़तिया का सात प्रतिशत कमीशन काटने और 2 प्रतिशत मंडी टैक्स सहित अन्य खर्च मिलाकर भी 10 प्रतिशत से ज्यादा माल की कीमत खेरची व्यापारी को नहीं पड़ती। इस तरह खेरची व्यापारी 100 रुपए की सब्जी पर 10 रुपए ज्यादा देकर बाजार में वही 20 किलो सब्जी करीब 800 रुपए में बेच देता है। यानी किसान-उपभोक्ता दोनों नुकसान में और खेरची व्यापारी को तगड़ा मुनाफा।

खेरची में 3 से 10 गुना महंगी बिक रही लौकी, मिर्च और धनिया से भी दोगुना कर रहे कमाई

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