सरकार ने नहीं सुनी तो किसानों ने खुद बना ली आधा किलोमीटर की खेत सड़क

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खरगौन Dec 16, 2019

सेल्दा से करीब दो किलोमीटर दूर वीरान गांव खराड़ी। यहां का पहुंच मार्ग कीचड़ से सना हुआ है। करीब 60 किसानों के खेत इसी रोड पर है। बारिश के चार माह और उसके बाद भी कीचड़ के कारण किसान अपने खेतों में बैलगाड़ी व ट्रैक्टर नहीं ले पाते थे। खाद, बीज ले जाने और उपज लाने के लिए अन्य किसानों के खेतों से होकर जाना पड़ता था। फसल खराब होने पर विवाद होते थे। सरकार से कई बार खेत सड़क निर्माण की मांग रखी। कोई सुनवाई नहीं होने पर किसानों ने ही रुपए इकट्‌ठे किए और आधा किलोमीटर की सड़क बनवा ली। बमनाला व सेल्दा के किसानों के खेत खराड़ी क्षेत्र में है। किसान यहां कपास, सोयाबीन, मक्का, गेहूं, चना आदि फसलों का उत्पादन लेते हैं लेकिन सबसे बड़ी समस्या पहुंच मार्ग की है।

20 साल से कार्यालयों व नेताओं के लगा रहे थे चक्कर

किसान विष्णु लौवंशी व लखन कर्मा ने बताया सड़क पर घुटने तक कीचड़ व पानी रहता है। पिछले 20 साल से 2 किलोमीटर की सड़क बनाने की मांग की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, कलेक्टर, एसडीएम व सरपंच से खेत सड़क के लिए गुहार लगाई लेकिन कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। चुनाव के दौरान वोट मांगने वाले उम्मीदवारों को भी समस्या बताई। चुनाव के बाद सड़क निर्माण का आश्वासन दिया लेकिन चुनाव के बाद कोई लौटकर नहीं आया।

60 किसानों के खेतों तक पहुंचता है मार्ग

मलबा डलवाकर आधा किमी की सड़क तैयार की। इनसेट में कीचड़ जमा होने से किसानों को खेतों में जाने में परेशानी होती थी।

हर किसान ने दिए एक हजार रुपए

किसान कुलदीप राठौड़, दिनेश बंशीलाल राठौर, भूपेंद्रसिंह तंवर, जगदीश यादव आदि ने बताया कार्यालयों व नेताओं के चक्कर लगाने के बाद समस्या का निराकरण अपने स्तर पर करने की ठानी। सभी किसानों ने एक-एक हजार रुपए का सहयोग दिया। जेसीबी व ट्रैक्टर की मदद से काम शुरू करवाया। किसानों ने भी श्रमदान दिया। सड़क के आसपास से खुदाई करवाकर व बाहर से बुलवाकर करीब 275 ट्राली मलबा डाला गया। करीब आधा किलोमीटर की सड़क से अब बैलगाड़ी व वाहन निकलने लगे हैं। आगे का 750 मीटर का रास्ता अच्छा है। इसके आगे के 750 मीटर के रास्ते के सुधार के लिए एक बार फिर राशि जमा कर सुधारा जाएगा।

सड़क बनवाने के प्रयास करेंगे


इधर…नहर में रिसाव से खमलाय क्षेत्र के खेतों में भरा पानी

शिकायत के बाद भी निराकरण नहीं, सब इंजीनियर बोले- नाली बनाकर पानी निकालेंगे

खामखेड़ा | ओंकारेश्वर परियोजना की माइनर नहर से पानी के लगातार रिसाव से किसान परेशान है। खमलाय क्षेत्र के किसानों की रबी व खरीफ फसलें खराब हो रही है। परेशान किसानों ने कई बार शिकायत की, लेकिन पानी निकासी की व्यवस्था हो रही न मुआवजा दिया जा रहा है।

किसान रमेश शर्मा, श्रीराम शर्मा, यशवंत शर्मा, शेरू बाबू आदि ने बताया पानी के रिसाव से 200 एकड़ में लगी रबी व खरीफ की फसल पिछले 5 साल से खराब हो रही है। कई बार शिकायतें कर चुके हैं लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों ने कहा- रबी सीजन के लिए नहर से 15 नवंबर से 15 मार्च तक, खरीफ के लिए 15 मई से 15 जुलाई और इसके बाद भी पानी छोड़ा जाता है। इससे दोनों सीजन की फसल का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। किसान विजय पिता रेवाराम जिराती व रेवाराम पिता रुखडू ने बताया उनकी दो हैक्टेयर की फसल 5 साल से खराब हो रही है। जबकि राजस्व विभाग ने नाममात्र का मुआवजा दिया है। ओंकारेश्वर परियोजना, राजस्व विभाग व कलेक्टर को शिकायत की जा चुकी है। ध्यान नहीं देने से वर्तमान में भी खेत में पानी भरा हुआ है। सर्वे कर उचित मुआवजा दिलाया जाना चाहिए। ओंकारेश्वर परियोजना के सब इंजीनियर बीबी बौद्ध ने कहा- रिसाव के पानी की निकासी के लिए नाली बनाई जाएगी। फसल नुकसानी की मुआवजा राशि निर्माण एजेंसी से वसूलकर दी जाएगी।

खेत में पानी भरने से किसान बुवाई नहीं कर पा रहे।

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