8 हजार 587 हैक्टेयर बढ़ा गेहूं का रकबा, फिर भी कृषि मंत्री के विस क्षेत्र में यूरिया संकट नहीं

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खरगोन/कसरावद Dec 23, 2019

प्रदेशभर में यूरिया खाद को लेकर किसान परेशान है। सहकारी संस्थाओं से घंटों कतार के बाद भी पर्याप्त खाद नहीं मिल रहा है। लेकिन कृषि मंत्री सचिन यादव व संस्कृति मंत्री डॉ विजयलक्ष्मी साधौ के विधानसभा क्षेत्र में खाद का संकट नहीं है। यहां अभी तक किसानों के कतार में लगने या हंगामा जैसे हालात नहीं रहे। इसे उपलब्धि कहें या मंत्रियों के क्षेत्र पर मेहरबानी कि कसरावद क्षेत्र में 8500 हैक्टेयर गेहूं का रकबा बढ़ने के बावजूद कोई परेशानी नहीं है। किसानों को गेहूं फसल की बुवाई से लेकर सिंचाई तक पर्याप्त खाद मिल रहा है।

किसानों के अनुसार क्षेत्र के विधायक के कृषि मंत्री होने से इस बार कोई दिक्कत नहीं उठाना पड़ी। वेयरहाउस प्रबंधक का कहना है पहले से स्टॉक करने व समय पर आवंटन होने से परेशानी नहीं हुई है। कृषि विभाग के अनुसार पिछले साल कसरावद तहसील में 25643 हैक्टेयर में गेहूं और 24321 हैक्टेयर में चना की बोवनी हुई थी। इस बार अच्छी बारिश होने से गेहूं का रकबा बढ़ा है। इस साल 34230 हैक्टेयर में गेहूं और 13550 हैक्टेयर में किसानों ने चना फसल लगाई है। पिछले साल की तुलना में इस बार गेहूं का रकबा बढ़ने से यूरिया की खपत भी बढ़ी है। लेकिन किसानों के पास बुवाई के साथ पहली व दूसरी सिंचाई के लिए पर्याप्त खाद है।

जिले की दोनों मंत्रियों के क्षेत्र में खाद की बेहतर है स्थिति

बाेरावां वेयरहाउस में खाद का पर्याप्त स्टाॅक है।

कसरावद क्षेत्र के दो वेयरहाउस से समितियों में पहुंचता है खाद

तहसील में खाद के लिए कसरावद व बोरावां में वेयरहाउस है। यहीं से तहसील की 19 संस्थाओं में खाद पहुंचता है। इसके बाद किसानों को वितरण किया जाता है। वेयरहाउस के अनुसार पिछले साल 3438 मैट्रिक टन संस्थाओं में भेजा गया था। जबकि इस साल करीब 1740 मैट्रिक टन यूरिया का अधिक उठाव हो चुका है। पहले से दोनों वेयरहाउस में करीब 1500 मैट्रिक टन यूरिया का स्टॉक करने से लाभ मिला। अभी भी यूरिया की रैक मिल रही है। इससे आगे भी परेशानी नहीं आएगी।- कसरावद व माकड़खेड़ा सेवा सहकारी समिति में यूरिया खाद की कमी नहीं है। सेवा सहकारी समिति प्रबंधक रामकृष्ण पाटीदार ने बताया पिछले वर्ष 110 मैट्रिक टन खाद का उठाव हुआ था। इस बार भी संस्था से जुड़े 1600 किसानों को वितरण के बाद भी समितियों में करीब 80 मैट्रिक टन खाद वर्तमान में उपलब्ध है।

महेश्वर क्षेत्र में कम आया, लेकिन संकट नहीं

महेश्वर तहसील की 15 सहकारी संस्थाअों में करही वेयरहाउस से खाद की आपूर्ति होती है। यहां पिछले साल 8000 मैट्रिक टन यूरिया पहुंचा था। इस बार 2 हजार मैट्रिक टन कम आवक हुई। लेकिन क्षेत्र में कहीं भी कतार की स्थिति नहीं बनी। प्रबंधक सुभाषचंद्र शुक्ला ने बताया रबी सीजन के लिए 2500 मैट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। संस्थाओं की 250 मैट्रिक टन की मांग है। इसके लिए 500 मैट्रिक टन की डिमांड भेजी है।

गेहूं के अच्छे उत्पादन के लिए जरूरी है यूरिया

सबसे ज्यादा यूरिया की जरूरत गेहूं फसल में होती है। कई किसान बुवाई से पहले खेतों में यूरिया का छिड़काव कर पानी छोड़ते हैं। इसके बाद दो सिंचाई के समय यूरिया खाद फसल को दिया जाता है। कई किसान बुवाई के समय गेहूं के साथ यूरिया खेतों में डालते हैं। किसानों का मानना है कि यूरिया से गेहूं की बढ़वार अच्छी रहने के साथ उत्पादन बेहतर होता है।

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हर सप्ताह ले रहे फीडबैक

यूरिया खाद की व्यवस्था को लेकर कृषि विभाग भी लगातार प्रयास कर रहा है। इसके लिए हर सप्ताह सहकारी समिति प्रबंधकों से फीडबैक लिया जा रहा है। वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी बीएस सेंगर ने बताया अधिक बारिश होने से किसानों की खरीफ फसल प्रभावित हुई थी। इससे दो महीने पहले ही अनुमान लग गया था कि पिछले साल की तुलना में इस बार गेहूं का रकबा बढ़ेगा। किसानों को यूरिया की कमी से परेशान ना होना पड़े इसके लिए सहकारी समिति प्रबंधकों से इसकी उपलब्धता की जानकारी ली जा रही है।

कसरावद विस के बोरावां वेयरहाउस से खाद वितरण

खाद 2018-19 2019-20

यूरिया 3438 5178.510

डीएपी 1318.850 1075.350

एनपीके 3014.250 2471.50

पोटाश 589.050 563

(आंकड़े मीट्रिक टन में)

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