किसान परेशान, नहीं निकल पा रही है लागत

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अंबाह Nov 26, 2018

आलू के दाम अच्छे मिल सकें, इसके लिए किसानों ने उत्पादन किए हुए आलू को कोल्डों में रखा। वहीं कोल्ड में रखने का 100 से 120 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से किराया भी दिया। लेकिन उसके बावजूद भी किसानों को दाम अच्छे नहीं मिल सके। किसानों को मजबूरन सस्ते दामों पर अपना आलू व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है। जबकि खैरिज में आलू के दाम कम नहीं हुआ है। इस बार किसानों को आलू की फसल में लगने वाली लागत तक नहीं निकल रही है। फिर भी किसानों ने उम्मीद लगाकर इस आलू की फसल की बोवनी की है।

बता दें कि किसान कोल्ड में रखे आलू को निकालकर बाजार में बेचने के लिए जा रहे हैं, व्यापारियों द्वारा 400 से 600 रुपए प्रति क्विंटिल यानि 4 से 6 रुपए किलो के हिसाब से खरीदा जा रहा है। जिससे किसानों की लागत तक नहीं निकल पा रही है। जबकि सब्जी मंडी में खैरिज में आलू 16 से 20 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से लोगों को महंगे दामों में आलू खरीदना पड़ रहा है। खासबात यह कि इससे व्यापारी वर्ग को दो से तीन गुना तक का फायदा हो रहा है। मंडी में हजारों बोरा पुराना आलू थोक मंडी में डंप हैं। उधर नया आलू का सीजन शुरू हो गया है।

आलू की फसल पर लागत दोगुनी से ज्यादा हुई

किसानों को घाटा है। पिछले 10 सालों में भले ही आलू की फसल की लागत दोगुनी से अधिक हो गई हो। लेकिन किसानों का इससे मोह भंग हो रहा है। बाजार में ज्यादा मुनाफा तो छोड़ो मौजूद समय में लागत मूल्य के बराबर भी बिक्री दाम नहीं मिल रहे हैं। किसान हर साल उम्मीद रहती है, इस साल भाव बढ़ेंगे। इसी उम्मीद से किसानों ने आलू का भंडारण कराता है, लेकिन नया आलू उसकी उम्मीद तोड़ देता है।

आलू में दाग आना शुरू हो गया है

मध्य प्रदेश कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन अध्यक्ष हंसमुख जैन गांधी ने बताया कि भिंड मुरैना सहित प्रदेश के अन्य जिलों के कोल्ड स्टोर आलू से भरे पड़े हैं। आलू में 80 प्रतिशत पानी होता है। अच्छे रख-रखाव के बाद आलू आठ माह तक सही रहता है। उसके बाद खराब होने लगता है। जनवरी में आलू कोल्ड में रख दिया जाता है। वर्तमान में 11 वां महीना चल रहा है इसके चलते अब आलू में दाग आना शुरू हो गया है।

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